dl-lc-railway-tender-scam

नई दिल्ली, 14 अगस्त । दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट ने शुक्रवार को रेलवे टेंडर घोटाले के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपितों के खिलाफ आरोप तय करने पर फैसला फिर टाल दिया है। इसके पहले भी कोर्ट ने 31 जुलाई, 16 जुलाई, 9 जून, 22 मई और 6 मई को फैसला टाल दिया था। अब इस मामले पर 27 अगस्त को फैसला सुनाया जाएगा।

कोर्ट ने 13 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। 28 जनवरी 2019 को कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से दर्ज केस में लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव को भी नियमित जमानत दी थी। कोर्ट ने एक-एक लाख रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दी थी। 19 जनवरी 2019 को कोर्ट ने सीबीआई की ओर से दर्ज केस में लालू यादव को नियमित जमानत दी थी। कोर्ट ने 13 अक्टूबर 2025 को रेलवे टेंडर घोटाले के केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जुड़े मामले में लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव समेत दूसरे आरोपितों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया था।

कोर्ट ने 17 सितंबर 2018 को ईडी की ओर से दायर चार्जशीट पर संज्ञान लिया था। इस मामले में लालू, राबड़ी समेत 16 लोगों को आरोपित बनाया गया है। ईडी ने जिन्हें आरोपित बनाया है उनमें लालू, राबड़ी, तेजस्वी, मेसर्स लारा प्रोजेक्ट एलएलपी, सरला गुप्ता, प्रेमचंद गुप्ता, गौरव गुप्ता, नाथ मल ककरानिया, राहुल यादव, विजय त्रिपाठी, देवकी नंदन तुलस्यान, मेसर्स सुजाता होटल, विनय कोचर, विजय कोचर, राजीव कुमार रेलान और मेसर्स अभिषेक फाइनेंस प्रा.लि. शामिल हैं।

लालू यादव पर आरोप है कि उन्होंने रेलमंत्री रहते हुए रेलवे के दो होटलों को आईआरसीटीसी को ट्रांसफर किया और होटलों की देखभाल के लिए टेंडर जारी किये थे। रांची और पुरी के दो होटलों का आवंटन कोचर बंधु की कंपनी सुजाता होटल को ट्रांसफर कर दिया था।

By editor

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights