प्रयागराज, 27 अगस्त । उत्तर प्रदेश में मानसून सक्रिय बना हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के लखनऊ केंद्र की ओर से 27 अगस्त की सुबह जारी जिला स्तरीय तात्कालिक पूर्वानुमान के अनुसार प्रयागराज समेत कई जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं, कुछ जिलों में गरज-चमक और बिजली गिरने के साथ मध्यम से तेज बारिश का अनुमान जताया गया है। यह पूर्वानुमान सुबह 8:11 बजे से 11:11 बजे तक के लिए जारी किया गया है।
पूर्वानुमान के अनुसार प्रयागराज, मिर्जापुर, संत रविदास नगर, वाराणसी, जौनपुर, प्रतापगढ़, चित्रकूट, बांदा, कौशांबी, हमीरपुर, फतेहपुर, जालौन, रायबरेली, अमेठी, कानपुर नगर, ललितपुर, झांसी, इटावा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, एटा, हाथरस, मथुरा, कासगंज, सुल्तानपुर, अयोध्या, कानपुर देहात, उन्नाव, औरैया, लखनऊ, बाराबंकी, कन्नौज, हरदोई, फर्रुखाबाद, सीतापुर, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, बरेली, पीलीभीत, रामपुर, अलीगढ़, बदायूं, बुलंदशहर, संभल, हापुड़, अमरोहा, मुरादाबाद, मेरठ, बागपत, बिजनौर, मुजफ्फरनगर, शामली और सहारनपुर** में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना है।
वहीं दूसरी ओर चित्रकूट, महोबा, बांदा, हमीरपुर, फतेहपुर, जालौन, झांसी, कासगंज, बरेली, रामपुर, अलीगढ़, बदायूं, बुलंदशहर, संभल, अमरोहा, मुरादाबाद और बिजनौर में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ मध्यम से तेज बारिश की संभावना जताई गई है।
सक्रिय मानसून से अभी बना रहेगा बारिश का दौर : डॉ. सुनील पांडेय
चन्द्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए), कानपुर के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां अभी सक्रिय हैं। उन्होंने बताया कि अगले कुछ दिनों में कई स्थानों पर बादल छाए रहने के साथ हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। बारिश के दौरान तेज हवाओं और आकाशीय बिजली की संभावना को देखते हुए लोगों को खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास जाने से बचना चाहिए।
डॉ. पांडेय के अनुसार, बारिश के कारण तापमान में कुछ गिरावट आने से लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिल सकती है। हालांकि बारिश रुकने के बाद वातावरण में नमी बढ़ने से कुछ स्थानों पर उमस का असर फिर महसूस हो सकता है। कानपुर में भी पिछले दिनों सक्रिय मानसूनी परिस्थितियों के कारण अच्छी बारिश दर्ज की गई है।
आकाशीय बिजली के दौरान सावधानी जरूरी
मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए लोगों को सलाह दी गई है कि गरज-चमक के दौरान खुले मैदान में न रहें। पेड़ के नीचे खड़े होने से भी बचें और संभव हो तो सुरक्षित भवन के अंदर रहें। किसानों को भी मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए कृषि कार्य करने की सलाह दी गई है।
