up-cm-yogi-sant-ravidas-nagar

वाराणसी, 29 जुलाई । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कहा कि प्रदेश में जहां-जहां महापुरुषों की प्रतिमाएं स्थापित हैं, वहां उनकी सुरक्षा और सम्मान के लिए छतरी लगाने का कार्य किया जाएगा। सरकार महापुरुषों की विरासत को संरक्षित करने और उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर उन्हाेंने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि भदाेही जिले का नाम पुन: अब संत रविदास नगर हाेगा। अखिलेश यादव सरकार ने इस जिले का नाम एक बार फिर बदलकर भदोही कर दिया था। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर और संत रविदास के सम्मान से जुड़ी पहचान बदलने का प्रयास किया लेकिन डबल इंजन की सरकार इस पहचान को वापस लाएगी।

मुख्यमंत्री याेगी आदित्यनाथ वाराणसी में संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज के 650वें जयंती वर्ष के अवसर पर भाजपा की ओर से आयोजित राष्ट्रव्यापी ‘श्री गुरु रविदास महाराज समरसता संकल्प अभियान’ को संबोधित कर रहे थे। संत रविदास की जन्मस्थली सीरगोवर्धनपुर में मुख्यमंत्री ने अभियान का शुरूआत कर कहा कि संत रविदास ने सामाजिक समरसता, समानता और मानवता का जो संदेश दिया, वह आज भी उतना ही प्रासंगिक है। उनके विचार समाज को जोड़ने और राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा देते हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संत रविदास ने बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी और मां गंगा के तट पर मानव जीवन का सार बताते हुए कहा था, “मन चंगा तो कठौती में गंगा”। संत रविदास के विचारों को आत्मसात कर समाज में सद्भाव, समरसता और सेवा की भावना को मजबूत किया जा सकता है। यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी और विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में भी सहायक बनेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामाजिक समरसता अभियान को गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाने का कार्य संकल्प के साथ किया जा रहा है। सच्चे भारतीय का दायित्व है कि संत रविदास ने करीब 650 वर्ष पहले जो संदेश समाज को दिया था, उसे जमीनी स्तर पर उतारते हुए कर्म साधना के माध्यम से विकसित भारत के निर्माण में अपना योगदान दें।

मुख्यमंत्री ने विपक्ष के नेताओं को निशाने पर लेते हुए कहा कि संतों की बात वे लोग स्वीकार नहीं करेंगे, जो समाज को बांटने का काम करते हैं। समाज को बांटने वाले वही लोग हैं, जिनके आदर्श बाबर और औरंगजेब रहे हैं। ये लोग समाज को खाई-खाई में बांटकर आपस में लड़ाने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि एक समय प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार ने बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के नाम पर बने मेडिकल कॉलेज का नाम बदल दिया था। हमारी सरकार ने कन्नौज में मेडिकल कॉलेज का नाम दोबारा बाबा साहब के नाम पर किया है। उन्हाेंने कहा कि समाजवादी पार्टी ने बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर और संत रविदास के सम्मान से जुड़ी पहचान बदलने का प्रयास किया था लेकिन हमारी सरकार इस पहचान को वापस ला रही है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी ने एक पाप और किया था, सद्गुरु रविदास जी महाराज के नाम पर बने हुए जनपद का नाम भी हटा दिया। आज मैं फिर कह रहा हूं, भदोही को दोबारा संत रविदास नगर के नाम पर ही जाना जाएगा।

उन्होंने कहा कि संत रविदास के सम्मान और उनके विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज इस कार्यक्रम में देशभर से ढाई सौ संत पहुंचे हैं। हम सभी का स्वागत और सम्मान करते हैं। संत रविदास की जन्मस्थली से आज जो मिट्टी जा रही है, वह देश के कोने-कोने तक पहुंचे, इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार हर संभव सहयोग करेगी।

कार्यक्रम को केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुग, प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक, केशव प्रसाद मौर्य, भाजपा के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में संत निरंजन दास , उपमुख्यमंत्री राजस्थान प्रेमचंद बैरवा, राष्ट्रीय अध्यक्ष भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा लाल सिंह आर्य, उत्तर प्रदेश के पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह, कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर, मंत्री उत्तराखंड खजान दास, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ दयाशंकर मिश्र दयालु, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविंद्र जायसवाल आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

पावन जन्मभूमि की मिट्टी 131 कलशों में भरकर रवाना की गई

इस अभियान के तहत संत रविदास की पावन जन्मभूमि की मिट्टी 131 कलशों में भरकर उत्तर प्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों, संगठनात्मक जिलों, मंडलों, गांवों एवं बस्तियों तक रवाना की गई।

By editor

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights