फर्रुखाबाद,13 अगस्त । विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) रोलबैक के विरोध और वापस लेने की मांग को लेकर गुरुवार को श्री राजपूत करणी सेना सहित विभिन्न सवर्ण संगठनों ने फर्रुखाबाद जनपद के फतेहगढ़ में सवर्ण यात्रा निकालकर प्रदर्शन किया। संगठनों के पदाधिकारियों ने जिले के प्रभारी एवं कैबिनेट मंत्री जयवीर सिंह के काफिले को जेएनवी रोड तिराहे के पास रोककर अपनी मांगें उनके सामने रखीं। इसके बाद सभी कार्यकर्ता पैदल फतेहगढ़ कलेक्ट्रेट पहुंचे और नगर मजिस्ट्रेट पारुल तरार को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
जिले के प्रभारी मंत्री एवं पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह काफिले के साथ फर्रुखाबाद दौरे पर पहुंचे थे। काफिला रोके जाने पर मंत्री वाहन से नीचे उतरे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। श्री राजपूत करणी सेना के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रदीप सिंह राठौड़ ने यूजीसी रोलबैक को लेकर संगठन की मांगें उनके सामने रखीं। मंत्री ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को सरकार तक पहुंचाया जाएगा।
प्रदेश उपाध्यक्ष प्रदीप सिंह राठौड़ ने कहा कि इस विषय में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 29 जनवरी 2026 को पारित आदेश विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यूजीसी से संबंधित मामले में न्यायालय के निर्देशों को देखते हुए सरकार को यूजीसी रोलबैक वापस लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह सवर्ण समाज के बच्चों के भविष्य से जुड़ा विषय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन किसी सरकार या राजनीतिक दल के विरोध में नहीं है, बल्कि संबंधित कानून के विरोध में है।
उन्होंने कहा कि संगठन अपनी मांग को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेगा और जरूरत पड़ी तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। इसके बाद सवर्ण संगठनों के कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए फतेहगढ़ कलेक्ट्रेट पहुंचे। वहां नगर मजिस्ट्रेट पारुल तरार को राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपकर यूजीसी रोलबैक वापस लेने की मांग की गई।
इस दौरान जिलाध्यक्ष सुशील सिंह चौहान, अधिवक्ता प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष ब्रजेश सिंह, जिला उपाध्यक्ष संजय सिंह राठौर, भईयन मिश्रा, सनी गुप्ता, धीरज पांडेय, पिंकू राठौर, राष्ट्रवादी ब्रह्म महासभा के जिलाध्यक्ष अमन दुबे, जिला संरक्षक अशोक मिश्रा, कोषाध्यक्ष विजय त्रिपाठी, जिला उपाध्यक्ष अनुज दुबे, जिला मंत्री आकाश तिवारी, नगर अध्यक्ष शिवेंद्र बाजपेयी, सक्रिय सदस्य अभिषेक दुबे, दुष्यंत पांडेय, नानकराम दुबे, नितिन दुबे आदि शामिल रहे।
