स्वच्छ एवं हरित विद्यालय मूल्यांकन में शानदार उपलब्धि, राष्ट्रीय सम्मान समारोह में प्रधानाचार्या डॉ. वंदना शर्मा ने किया विद्यालय का प्रतिनिधित्व
नीरज प्रजापति
मुज़फ्फरनगर। भागवन्ती सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, नई मंडी ने स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और संस्कारयुक्त शिक्षा के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम रोशन किया है। स्वच्छ एवं हरित विद्यालय मूल्यांकन (2025–26) में विद्यालय को उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर 5-स्टार रेटिंग प्रदान की गई। इस उपलब्धि के साथ विद्यालय का चयन देश के उत्कृष्ट स्वच्छ एवं हरित विद्यालयों की श्रेणी में हुआ, जिसके बाद राष्ट्रीय सम्मान समारोह में विद्यालय को सम्मानित किया गया।

लाला जगदीश प्रसाद सरस्वती विद्या मंदिर, मुज़फ्फरनगर में आयोजित सम्मान समारोह में उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार ने विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. वंदना शर्मा को सम्मानित किया। इस सम्मान के साथ भागवन्ती सरस्वती विद्या मंदिर ने यह साबित कर दिया कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के प्रति उसकी प्रतिबद्धता राष्ट्रीय स्तर पर भी सराही जा रही है।
विद्यालय ने स्वच्छ परिसर, हरित वातावरण, मिशन लाइफ गतिविधियों, जल संरक्षण, ऊर्जा बचत, अपशिष्ट प्रबंधन, वृक्षारोपण और पर्यावरण जागरूकता जैसे विभिन्न मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। यही कारण रहा कि विद्यालय को सर्वोच्च 5-स्टार रेटिंग से नवाजा गया।

इस सफलता के पीछे विद्यालय के ईको क्लब और पर्यावरण संरक्षण अभियान की सक्रिय भूमिका रही। पर्यावरण प्रमुख दुर्गेश नंदिनी, ईको क्लब प्रमुख दीप्ति तिवारी तथा क्लब से जुड़ी छात्राओं ने पूरे वर्ष विभिन्न पर्यावरणीय गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित किया। विद्यालय परिसर को स्वच्छ और हरित बनाए रखने के साथ-साथ विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता विकसित करने के लिए लगातार अभियान चलाए गए।
प्रधानाचार्या डॉ. वंदना शर्मा ने इस उपलब्धि को विद्यालय परिवार के विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों, प्रबंधन समिति और सभी सहयोगियों के सामूहिक प्रयास, अनुशासन तथा समर्पण का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल एक उपलब्धि नहीं, बल्कि भविष्य में स्वच्छता, हरित विकास और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में और अधिक प्रभावी कार्य करने की प्रेरणा है।
विद्यालय के अध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह, प्रबंधक शोभित सिंह, कोषाध्यक्ष ममता वर्मा तथा प्रबंधन समिति के सभी सदस्यों ने इस उपलब्धि पर विद्यालय परिवार को बधाई देते हुए कहा कि शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों में सामाजिक जिम्मेदारी, पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के संस्कार भी विकसित करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने भविष्य में भी विद्यालय को स्वच्छ, हरित और संस्कारयुक्त शिक्षा के मॉडल के रूप में आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।
