सवालों के घेरे में आई निर्माण की गुणवत्ता पर लोगों ने की जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग
नीरज प्रजापति
मुजफ्फरनगर। शहर को आधुनिक और आकर्षक बनाने के लिए नगर पालिका परिषद द्वारा कराए जा रहे सौंदर्याकरण कार्यों की गुणवत्ता पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शनिवार देर रात शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में शामिल टाउन हॉल के सामने चर्च रोड पर लगा एक ऊंचा स्ट्रीट लाइट का खंभा अचानक सड़क पर गिर पड़ा। गनीमत रही कि घटना के समय वहां से कोई राहगीर या वाहन नहीं गुजर रहा था, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।
घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार खंभा अचानक तेज आवाज के साथ सड़क पर गिरा, जिससे कुछ देर के लिए इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और पूरे मामले को लेकर नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शहर में करोड़ों रुपये की लागत से सौंदर्याकरण और आधुनिक स्ट्रीट लाइट लगाने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन धरातल पर कार्यों की गुणवत्ता कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। लोगों का आरोप है कि यदि मजबूत निर्माण कार्य किया गया होता तो स्ट्रीट लाइट का खंभा इस तरह अचानक नहीं गिरता।
मौके पर मौजूद लोगों ने जब गिरे हुए पोल का निरीक्षण किया तो पाया कि उसकी नींव अपेक्षित रूप से मजबूत नहीं थी। नागरिकों का आरोप है कि खंभे की फाउंडेशन कमजोर होने के कारण वह अपना संतुलन नहीं बना सका और सड़क पर गिर गया। इस घटना ने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, निगरानी और जिम्मेदारी पर कई गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।
घटना के बाद क्षेत्रीय लोगों ने नगर पालिका से शहर में लगाए गए अन्य स्ट्रीट लाइट पोलों की भी तत्काल तकनीकी जांच कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सभी पोलों की जांच नहीं कराई गई तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और निर्माण एजेंसी की होगी। नगरवासियों का कहना है कि सौंदर्याकरण केवल दिखावे तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि विकास कार्यों की मजबूती और सुरक्षा भी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
