-20 साल पुराने टीन शेड को बताया अतिक्रमण,
पूरी कॉलोनी में लगे शेड छोड़कर सिर्फ एक ही तीन सेड को हटाने का लगाया आरोप, बेजुबानों की सेवा की मिली बड़ी सजा

 

नीरज प्रजापति

मुजफ्फरनगर। इंसानियत और बेजुबान जानवरों के प्रति संवेदनशीलता की मिसाल पेश करना एक युवक को उस समय भारी पड़ गया, जब गली के आवारा कुत्तों को बारिश, धूप और भीषण गर्मी से बचाने के लिए बनाया गया टीन शेड नगर पालिका की टीम ने अतिक्रमण बताते हुए ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई के बाद पीड़ित युवक ने नगर पालिका प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे एकतरफा, पक्षपातपूर्ण और तानाशाहीपूर्ण कार्रवाई बताया है।
मेरठ रोड स्थित नुमाइश कैंप गणेशपुरम कॉलोनी निवासी मोहित अरोरा ने शनिवार को मीडिया सेंटर पर पत्रकार वार्ता करते हुए कहा कि वह पिछले कई वर्षों से गली के बेसहारा और आवारा कुत्तों को भोजन कराते हैं तथा उनकी देखभाल करते हैं। इसी उद्देश्य से करीब 20 वर्ष पहले एक छोटा सा टीन शेड बनाया गया था, ताकि भीषण गर्मी, बरसात और सर्दी के मौसम में बेजुबान जानवरों को राहत मिल सके। उनका कहना है कि इस शेड से किसी राहगीर, पड़ोसी या यातायात को कोई परेशानी नहीं थी और यह केवल जानवरों के संरक्षण के लिए बनाया गया था।
मोहित अरोरा का आरोप है कि नगर पालिका की टीम कुछ लोगों के बहकावे में आ गई और बिना निष्पक्ष जांच किए सीधे उनके टीन शेड को अतिक्रमण घोषित कर उसे जेसीबी से तोड़ दिया। उन्होंने कहा कि यदि वास्तव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही थी तो पूरी कॉलोनी में वर्षों से लगे अन्य टीन शेड, छज्जे और निर्माण भी हटाए जाने चाहिए थे। लेकिन ऐसा नहीं किया गया और केवल उनके शेड को निशाना बनाया गया, जिससे साफ प्रतीत होता है कि यह कार्रवाई सोच-समझकर और उन्हें परेशान करने की नीयत से की गई।
पत्रकार वार्ता के दौरान मोहित अरोरा भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी किसी का नुकसान नहीं किया, बल्कि हमेशा बेजुबान जानवरों की सेवा को अपना धर्म समझा। जिस स्थान पर कुत्ते सुरक्षित रहते थे, आज वहां मलबा पड़ा है और वे बेजुबान जानवर खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। उनका कहना था कि “अगर बेजुबानों की सेवा करना अपराध है, तो शायद मैंने यही अपराध किया है।
पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोग उन्हें जानबूझकर दबंग साबित करने और उनकी सामाजिक छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं। नगर पालिका की कार्रवाई भी उसी साजिश का हिस्सा प्रतीत होती है। उनका कहना है कि बिना किसी निष्पक्ष सुनवाई और उचित अवसर दिए सीधे टीन शेड तोड़ देना न्यायसंगत नहीं है। मोहित अरोरा ने प्रशासन से मांग की कि यदि कॉलोनी में वास्तव में अतिक्रमण है तो बिना भेदभाव सभी अवैध निर्माणों पर समान कार्रवाई की जाए। केवल एक व्यक्ति को चुनकर कार्रवाई करना प्रशासन की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी चर्चा का विषय बना हुआ है। कई लोगों का कहना है कि बेजुबान जानवरों के लिए बनाए गए आश्रय को तोड़ने से पहले प्रशासन को मानवीय दृष्टिकोण अपनाना चाहिए था।

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