नई दिल्ली, 04 जून । उच्चतम न्यायालय ने अदालतों में मामलों के समयबद्ध निपटारे की मांग करने वाली याचिका खारिज कर दी है। जस्टिस विक्रम नाथ की अध्यक्षता वाली बेंच ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि हम वकीलों से दुश्मनी नहीं लेना चाहते हैं, हम वकीलों के दोस्त हैं।
याचिका वकील रजत ने दायर की थी। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने कहा कि अदालतों में अनावश्यक रुप से मामलों के स्थगित करने की परिपाटी पर रोक लगनी चाहिए और इसके लिए एक दिशा-निर्देश जारी किया जाना चाहिए, ताकि मामलों का समयबद्ध निपटारा किया जा सके।
सुनवाई के दौरान न्यायालय ने पूछा कि क्या याचिकाकर्ता खुद एक वकील हैं। तब याचिकाकर्ता ने कहा कि हां। तब कोर्ट ने कहा कि आप सिस्टम जानते हैं। किस तरह मामलों में स्थगनादेश जारी किए जाने चाहिए और उस पर नीति कैसे बने। तब याचिकाकर्ता ने कहा कि हम चाहते हैं कि केवल दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। तब कोर्ट ने कहा कि आप बार काउंसिल ऑफ इंडिया, राज्यों के बार काउंसिल या हाई कोर्ट बार एसोसिएशंस के पास जाइए। तब याचिकाकर्ता ने कहा कि इसके लिए उच्चतम न्यायालय उचित प्राधिकार है। उसके बाद कोर्ट ने इस दलील को नामंजूर करते हुए याचिका खारिज करने का आदेश दिया।
