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नई दिल्ली, 28 जून । विश्व हिंदू परिषद का कहना है कि राम मंदिर को लेकर लगाए जा रहे अनर्गल आरोप माहौल खराब करने की साजिश है। अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर को लेकर जारी राजनीतिक बयानबाजी के बीच विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला है।

कांग्रेस के संवाददाता सम्मेलन में लगाए गए ‘हजारों करोड़ की चोरी’ के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्होंने इसे समाज में विद्वेष फैलाने की साजिश बताया। इसके साथ ही उन्होंने समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के ‘सियाराम धाम’ बनाने वाले चुनावी वादे को भी आड़े हाथों लिया।

आलोक कुमार ने कांग्रेस द्वारा राम मंदिर से कीमती सामान और हजारों करोड़ गायब होने के आरोपों पर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने कहा कि ‘श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र’ के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि मंदिर का सारा सोना, चांदी और अन्य कीमती सामान पूरी तरह सुरक्षित है।

विहिप अध्यक्ष ने सवाल उठाया कि जब सब कुछ सुरक्षित है, तो ‘हजारों करोड़ गायब होने’ का यह आंकड़ा कहां से आ गया? यह पूरी तरह से हवा-हवाई और समाज में असंतोष पैदा करने की कोशिश है।

आलोक कुमार ने इसे सिर्फ एक राजनीतिक बयान न मानकर एक गंभीर दंडनीय अपराध बताया। उन्होंने जांच एजेंसियों और पुलिस से सख्त कदम उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि समाज में अविश्वास, नाराजगी और आस्था को ठेस पहुंचाने के उद्देश्य से की जा रही इस ‘रूमर मोंगरिंग’ (अफवाहबाजी) के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 353 के तहत मुकदमा दर्ज होना चाहिए। पुलिस को ऐसे गैर-जिम्मेदाराना बयान देने वालों को समन भेजकर पूछताछ करनी चाहिए। उनसे पूछा जाए कि ‘हजारों करोड़ की चोरी’ के दावे का आधार क्या है और वे इससे जुड़े दस्तावेज व जानकारियां उपलब्ध कराएं। यदि वे सबूत नहीं दे पाते और निश्चित रूप से उनके पास कोई सामग्री नहीं है तो उन्हें कानूनन दंडित किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि जितने आरोपों में कोई तथ्य है या हो सकता है, उनसे हमें कोई शिकायत नहीं है। लेकिन जो अतिवादी लोग इस बहती गंगा में हाथ धोने के लिए राजनीतिक विद्वेष के कारण ऊल-जलूल बोल रहे हैं, उन्हें अपने किए का दंड भुगतना ही चाहिए।

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के उस बयान पर भी आलोक कुमार ने जमकर निशाना साधा, जिसमें उन्होंने कहा था कि सरकार आने पर वे अयोध्या को ‘सियाराम धाम’ बना देंगे।

उन्होंने अखिलेश यादव के पिछले कार्यकाल की याद दिलाते हुए कहा कि चुनाव के समय नेता अक्सर ऐसे वादे करते हैं जैसे आसमान के तारे तोड़ लाएंगे या धरती पर स्वर्ग उतार देंगे। ‘सियाराम धाम’ का नारा भी बिल्कुल वैसा ही है।

आलोक कुमार ने कहा कि अखिलेश यादव पूरे 5 साल उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे। उस दौरान वे न तो खुद कभी अयोध्या दर्शन करने गए और न ही वहां के विकास के लिए कुछ किया। उनके समय में अयोध्या धूल, टूटी सड़कों और बदहाली से जूझता हुआ एक भूला-बिसरा गांव जैसा था।

जनता इनका पिछला रिकॉर्ड नहीं भूलेगी। जब इनके पिता मुलायम सिंह यादव मुख्यमंत्री थे, तब इसी अयोध्या में कारसेवकों पर गोलियां चलवाई गई थीं और वे मारे गए थे।

उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनावों में केवल राम जी के नाम पर वैतरणी पार करने के लिए ऐसे मनमोहक नारे देना अब काम नहीं आएगा। जनता पूरी असलियत जानती है और राम जन्मभूमि को बदनाम करने की इन चेष्टाओं का जवाब वह सही समय पर देगी।

By editor

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