rajouri-garden-robbery-

नई दिल्ली, 21 मार्च । पश्चिमी दिल्ली के राजौरी गार्डन इलाके में हुए अपहरण और 40 लाख रुपये की लूट के मामले का पुलिस ने महज 24 घंटे में खुलासा किया है। इस वारदात को ‘फिल्मी स्टाइल’ में अंजाम दिया गया था, जिसमें आरोपित खुद को पुलिस कर्मी बताकर पीड़ितों को अगवा कर ले गए थे। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपित को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य आरोपितों की पहचान कर ली गई है।

पश्चिमी जिले के पुलिस उपायुक्त शरद भास्कर दराडे ने शनिवार को बताया कि 19 मार्च को सागर शर्मा ने शिकायत दी थी कि वह अपने भाई मणिक के साथ राजौरी गार्डन स्थित मेट्रो पिलर नंबर-167 के पास सोने-हीरे के आभूषणों के भुगतान के लिए एक परिचित से मिलने गया था। इसी दौरान दो युवक उनकी कार में जबरन घुस गए और खुद को पुलिस अधिकारी बताकर दोनों भाइयों को बंदूक की नोक पर बंधक बना लिया।

आरोपितों ने दोनों भाइयों के साथ मारपीट की और उन्हें उनकी ही कार में बैठाकर जीटी करनाल रोड की तरफ ले गए। रास्ते में आरोपितों ने 40 लाख रुपये नकद, मोबाइल फोन, एप्पल वॉच, ज्वेलरी और कार लूट ली। बाद में दोनों भाइयों को हरियाणा के शाहबाद इलाके में छोड़कर फरार हो गए।

घटना की गंभीरता को देखते हुए राजौरी गार्डन थाने की टीम ने तुरंत जांच शुरू की। इंस्पेक्टर रविंदर जोशी के नेतृत्व में गठित टीम ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी सर्विलांस और स्थानीय इंटेलिजेंस के जरिए मामले का खुलासा करते हुए आरोपित हरीश शर्मा उर्फ रिंकू (48) को गिरफ्तार किया। पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि हरीश शर्मा पहले से ही पीड़ित का जानकार था और उसके साथ सोने-हीरे के कारोबार में लेन-देन करता था।

आरोपित ने अपने साथी चेतन उर्फ गुरप्रीत सिंह रंधावा के साथ मिलकर पूरी साजिश रची थी। एक दिन पहले ही उसने बहाने से पीड़ित से ज्वेलरी अपने पास ले ली थी और फिर नकली पुलिस कार्रवाई दिखाकर पूरी लूट की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार, यह पूरी घटना सुनियोजित आपराधिक साजिश का हिस्सा थी। फिलहाल लूटी गई नकदी, ज्वेलरी, वाहन और अन्य सामान की बरामदगी के लिए प्रयास जारी हैं।

By editor

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights