दिल्ली वालों के लिए आज का दिन कानूनी उलझनों और भारी-भरकम चालानों से ‘आजादी’ पाने का सबसे बड़ा मौका है। अगर आप भी कचहरी के चक्करों और पेंडिंग ट्रैफिक फाइन से परेशान हैं तो आज की ‘नेशनल लोक अदालत’ आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है। दिल्ली राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (DSLSA) की ओर से आज सभी जिला अदालतों में ‘राष्ट्रीय लोक अदालत’ का भव्य आयोजन किया जा रहा है। सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक चलने वाले इस अभियान का मकसद सालों से लटके विवादों को आपसी सहमति से चंद मिनटों में सुलझाना है।

कहां-कहां लगेगी अदालत?

दिल्ली की इन प्रमुख जिला अदालतों में आप अपनी समस्याओं का समाधान पा सकते हैं:

  • तीस हजारी कोर्ट
  • साकेत कोर्ट
  • कड़कड़डूमा कोर्ट
  • पटियाला हाउस कोर्ट
  • रोहिणी कोर्ट
  • द्वारका कोर्ट
  • राउज एवेन्यू कोर्ट

ट्रैफिक चालान: 2 लाख केस निपटाने का महा-लक्ष्य

इस बार लोक अदालत का सबसे बड़ा फोकस ट्रैफिक चालानों पर है। 30 नवंबर 2025 तक के सभी पेंडिंग ट्रैफिक चालान आज पेश किए जा सकते हैं। प्रशासन ने इसके लिए 200 विशेष बेंच बनाई हैं जिनका लक्ष्य एक ही दिन में लगभग 2 लाख चालानों का निपटारा करना है। यात्रियों और वाहन मालिकों को सलाह दी गई है कि वे अपने पेंडिंग चालान का प्रिंटआउट साथ लेकर आएं ताकि प्रक्रिया तेजी से पूरी हो सके।

सिर्फ चालान ही नहीं, इन विवादों का भी होगा एंड

ट्रैफिक चालानों के अलावा लोक अदालत में कई अन्य गंभीर और पुराने मामलों को भी सुलझाया जाएगा:

  1. चेक बाउंस: सालों से लटके चेक बाउंस के मामले।
  2. बिल विवाद: बिजली और पानी के बिलों से जुड़ी कानूनी पेचीदगियां।
  3. पारिवारिक मामले: वैवाहिक विवाद (तलाक को छोड़कर) और आपसी समझौते वाले केस।
  4. लेबर और रिकवरी: मजदूरी से जुड़े विवाद और पैसों की वसूली के मामले।
  5. एक्सीडेंट क्लेम: मोटर दुर्घटना से जुड़े मुआवजे के दावे।

लोक अदालत का सबसे बड़ा फायदा

विशेषज्ञों के अनुसार लोक अदालत में लिया गया फैसला अंतिम होता है। इसके खिलाफ कहीं अपील नहीं की जा सकती जिसका मतलब है कि आपका केस हमेशा के लिए ‘क्लोज’ हो जाता है। इससे न केवल वकील की फीस और कोर्ट की तारीखों से मुक्ति मिलती है बल्कि मानसिक तनाव भी खत्म होता है। भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए सभी कोर्ट परिसरों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और हेल्प डेस्क भी बनाई गई हैं ताकि आम जनता को कोई परेशानी न हो।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights