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नई दिल्ली, 21 मार्च । भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश पासवान ने शनिवार को नई दिल्ली स्थित भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में मीडिया को संबोधित करते हुए दिल्ली के उत्तम नगर में दलित युवक की हत्या पर राहुल गांधी के मौन को लेकर उनकी और कांग्रेस की जमकर आलोचना की।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस संवेदनशीलता का ढोंग करती है और इन्हें जब भी तुष्टिकरण और सामाजिक न्याय के बीच चुनाव करना पड़ा तो इन्होंने केवल तुष्टिकरण चुना। पासवान ने कहा कि कांग्रेस पार्टी का डीएनए दलित विरोधी है और दलित समाज को कांग्रेस के साथ घुटन महसूस होती है।

गुरु प्रकाश पासवान ने कहा कि दिल्ली के उत्तम नगर में जो दुर्घटना हुई है, उस पूरे विषय का राहुल गांधी द्वारा राजनीतीकरण किया जा रहा है। राहुल गांधी वहां जाते हैं जहां उन्हें राजनीतिक लाभ मिलता है, वो हाथरस जाते हैं लेकिन अभी तक वह उत्तम नगर नहीं गए। संवेदनशीलता का ढोंग करते हुए घटना के कई दिनों बाद बस एक ट्वीट के माध्यम से संवेदनाएं व्यक्त कीं गईं। राहुल गांधी आज संवेदन शून्य हो गए हैं, दलित समाज के एक नवयुवक की हत्या होती है, तो उनके मुंह में दही जम जाता है, जबकि मोहम्मद अखलाक के मामले में वो पहुंचे थे। प्रियंका गांधी और राहुल गांधी वहीं जाते हैं जहां उन्हें राजनीतिक अवसरवादिता सिद्ध होती नजर आती है। इसके पीछे एक योजना है, इसके पीछे कांग्रेस पार्टी की संस्थागत सोच है। अगर तुष्टिकरण और सामाजिक न्याय के बीच चयन की स्थिति हो तो कांग्रेस पार्टी का इतिहास बताता है कि उन्होंने हमेशा तुष्टीकरण को चुना है।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि जब भी कांग्रेस पार्टी के सामने तुष्टिकरण और सामाजिक न्याय के बीच विकल्प होता है, तो वह तुष्टिकरण को ही चुनती है। रंगनाथ मिश्रा कमेटी की रिपोर्ट हो या अन्य सच्चर आयोग की रिपोर्ट हो, जामिया मिलिया विश्वविद्यालय और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय जैसे संस्थानों में अनुसूचित जाति को प्रवेश और भर्ती में आरक्षण नहीं मिलता, आज कांग्रेस पार्टी को इसपर जवाब देना चाहिए।

पासवान ने कहा कि हाल ही में राहुल गांधी ने कांशीराम जी को लेकर उन्हें सम्मानित करने की बात कही, लेकिन उन्हें अपना इतिहास देखना चाहिए। जैसा कि एम. गुप्ता जी ने अपनी पुस्तक में लिखा है, कि जब तक कांग्रेस पार्टी रहेगी, तब तक कोई दलित भारत का प्रधानमंत्री नहीं बन सकता। वर्तमान में हरियाणा में कुमारी शैलजा का अपमान किया जा रहा है, बिहार में चुनाव के समय सीताराम केसरी को याद किया जाता है और उन्हें श्रद्धांजलि दी जाती है लेकिन किस प्रकार बिहार के एक पिछड़े समाज के व्यक्ति, सीताराम केसरी को कांग्रेस कार्यालय में उनकी धोती तक खीच कर अपमानित किया गया था। कांग्रेस पार्टी पिछड़ों, दलितों और आदिवासियों की अस्मिता की बात कैसे कर सकती है? देश के इतिहास में पहली बार संविधान के सर्वोच्च पद पर एक आदिवासी महिला को बैठने का अवसर भारतीय जनता पार्टी की सरकार में मिला है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के नेताओं को इस पर स्पष्टीकरण देना चाहिए कि क्या वो दलित समाज को केवल वोट बैंक समझते हैं? क्या कांशीराम या बाबू जगजीवन राम का नाम लेकर लोगों को भ्रमित करना चाहते हैं? आज का दलित समाज बदल चुका है और वह शासन और प्रशासन में अपनी भागीदारी चाहता है। रंगनाथ मिश्रा कमेटी, सच्चर कमेटी, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय और जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी से जुड़े तथ्य इस बात को स्थापित करते हैं कि कांग्रेस पार्टी आज भी तुष्टिकरण की राजनीति में लिप्त है। कांग्रेस का सामाजिक न्याय, संवैधानिक मूल्यों, संवैधानिक आदर्शों, पिछड़े वर्गों की हिस्सेदारी और वंचितों की अस्मिता से कोई वास्तविक संबंध नहीं है और यह बात उत्तम नगर के प्रसंग से स्पष्ट हो जाती है।

By editor

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