नई दिल्ली, 24 मई । बाहरी उत्तरी जिला पुलिस की एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वॉड (एएटीएस) ने नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए बवाना इलाके में सक्रिय अंतरराज्यीय गांजा सप्लाई नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपित को गिरफ्तार कर उसके घर से 90.225 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। बरामद मादक पदार्थ की बाजार में कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है।
बाहरी उत्तरी जिले के पुलिस उपायुक्त हरेश्वर स्वामी ने रविवार को बताया कि 20 मई को रोहिणी सेक्टर-11 स्थित एएटीएस कार्यालय को गुप्त सूचना मिली थी कि बवाना गांव निवासी अब्दुल रहमान उर्फ बबलू अपने घर से गांजा तस्करी का धंधा चला रहा है। सूचना मिलने के बाद एएटीएस टीम ने इसकी पुष्टि की और वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दी।
इसके बाद एनडीपीएस एक्ट के तहत कानूनी प्रक्रिया पूरी कर छापेमारी के लिए टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने 21 मई को बवाना गांव में कार्रवाई की। मुखबिर की निशानदेही पर सुबह करीब 10:35 बजे आरोपित अब्दुल रहमान उर्फ बबलू को उसके घर के बाहर से पकड़ लिया गया। इसके बाद पुलिस ने घर की तलाशी ली। जांच के दौरान कमरे में रखे एक डीप फ्रीजर से चार बोरियों में भरा गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने मौके पर फील्ड टेस्टिंग किट से जांच की, जिसमें बरामद पदार्थ मादक पदार्थ गांजा पाया गया। तौल करने पर बरामद गांजे का वजन 90.225 किलोग्राम निकला। इसके बाद बवाना थाने में एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में आरोपित ने पुलिस को बताया कि वह कई वर्षों से अपने साथियों के साथ गांजा तस्करी में शामिल था। शुरुआती जांच में सामने आया कि गांजा आंध्र प्रदेश-ओडिशा सीमा क्षेत्र से लाया जाता था और उसके बाद दिल्ली में अलग-अलग इलाकों में सप्लाई किया जाता था। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपित सीमापुरी और बवाना इलाके में सक्रिय स्थानीय सप्लायरों और नेटवर्क के जरिए मादक पदार्थ की आपूर्ति करता था।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपित पहले भी ओडिशा में एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में शामिल रह चुका है। अब पुलिस अंतरराज्यीय नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने, बाकी सहयोगियों की पहचान करने और सप्लाई चेन का पूरा नेटवर्क खंगालने में जुटी है।
