मुजफ्फरनगर। श्री रामलीला भवन नई मंडी में 99वें श्री रामलीला महोत्सव का भव्य मंचन हुआ, जिसमें सीता खोज और लंका दहन की लीला ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। मंचन में हनुमान जी की अद्भुत शक्ति और साहस को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया। दर्शकों ने हनुमान जी को अशोक वाटिका में माता सीता की खोज करते और रावण की लंका में प्रवेश कर पूरी लंका को दहन करते हुए देखा। इस दृश्य ने पूरे कार्यक्रम को दर्शकों के लिए यादगार बना दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि दा दून वैली पब्लिक स्कूल के निदेशक अनुराग सिंघल और अमित कुमार गोराँगी मोटर्स ने प्रभु श्री राम की आरती और दीप प्रज्वलित कर किया। कमेटी के अध्यक्ष संजय मित्तल, मंत्री अशोक गर्ग, कोषाध्यक्ष आदित्य भरतिया और उनकी पूरी टीम ने अतिथियों को पटके पहनाकर और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस दौरान दा दून वैली पब्लिक स्कूल के निदेशक अनुराग सिंघल ने कहा कि ‘रामलीला मंचन केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि बच्चों में संस्कार और नैतिक मूल्यों को विकसित करने का प्रभावशाली माध्यम है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों को सही और गलत की पहचान, साहस और समाज के प्रति जिम्मेदारी की प्रेरणा देते हैं। माता-पिता और शिक्षकों से उन्होंने आग्रह किया कि अपने बच्चों को इस प्रकार के सांस्कृतिक मंचनों में शामिल कराएँ।’

कार्यक्रम में मथुरा से आई श्री गिरिराज लीला संस्थान की टीम ने सीता खोज और लंका दहन की लीला का मंचन किया। मंचन में हनुमान जी की साहसिक और वीरता से भरी गतिविधियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कलाकारों ने अशोक वाटिका में माता सीता की रक्षा करते हुए रावण की लंका को पूरी तरह से दहन कर दिया, जिसे देखकर दर्शकों ने तालियों और जयकारों से कार्यक्रम का स्वागत किया।इस अवसर पर कैलाश चंद ज्ञानी, बृज गोपाल छारिया, राजीव अग्रवाल, उपेंद्र मित्तल, विदित गुप्ता, संजय जिंदल काका, राजेंद्र सिंघल, विनोद संगल, अभिषेक कुच्छल, विवेक बंसल, अचिन सागर, कुलदीप शर्मा, डॉ. प्रदीप जैन, शरद गोयल, विनय अग्रवाल, राजेश गोयल और रवि गोयल सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। आयोजकों ने कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम बच्चों में धर्म, वीरता और नैतिक मूल्यों की भावना पैदा करने में सहायक हैं।

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