नीरज प्रजापति

मेरठ-हरिद्वार हाईवे पर चेकिंग के दौरान खुला नशीले कारोबार का राज, मेडिकल नशे की सप्लाई का नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस; मुख्य सप्लायर की तलाश तेज।

मुजफ्फरनगर। युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेलकर मोटा मुनाफा कमाने वाले अवैध दवा कारोबारियों के खिलाफ मुजफ्फरनगर पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। प्रतिबंधित दवाओं की आड़ में नशे का कारोबार चलाने वालों की गतिविधियों पर निगरानी के बीच नई मंडी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 720 नशीले कैप्सूल की खेप पकड़ी है। हाईवे पर हुई इस कार्रवाई ने जिले में प्रतिबंधित दवाओं की अवैध सप्लाई के नेटवर्क को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने मौके से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि कथित मुख्य सप्लायर का नाम सामने आने के बाद उसकी तलाश में दबिश दी जा रही है। पुलिस की इस कार्रवाई को केवल एक आरोपी की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि जांच का दायरा अब उस सप्लाई चेन तक पहुंचाने की तैयारी है, जिसके जरिए प्रतिबंधित कैप्सूल अलग-अलग इलाकों में पहुंचाए जा रहे थे। जानकारी के अनुसार, नई मंडी थाना पुलिस की टीम उपनिरीक्षक अनुभव चौधरी के नेतृत्व में अपराध नियंत्रण और संदिग्ध व्यक्तियों की तलाश के लिए चेकिंग अभियान चला रही थी। टीम नसीरपुर की नई पुलिया के निकट मेरठ-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित धर्मकांटे के आसपास संदिग्ध वाहनों और लोगों पर नजर रख रही थी। इसी दौरान पुलिस की नजर काले रंग का बैग लेकर खड़े एक युवक पर पड़ी। पुलिस टीम को अपनी ओर आता देखकर युवक ने बचने का प्रयास किया, लेकिन सतर्क पुलिसकर्मियों ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। तलाशी के दौरान उसके बैग से तीन डिब्बों में रखे 720 स्पासमोविल-प्लस कैप्सूल बरामद हुए। गिरफ्तार आरोपी की पहचान अंबा विहार निवासी कासिफ के रूप में हुई। बरामदगी की गंभीरता को देखते हुए सीओ नई मंडी राजू कुमार साव और ड्रग इंस्पेक्टर देशबंधु विमल भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों की मौजूदगी में बरामद कैप्सूल की गिनती और वजन कराया गया। कुल 720 कैप्सूल का वजन 277.2 ग्राम पाया गया। प्रत्येक कैप्सूल का वजन 385 मिलीग्राम बताया गया है। इन कैप्सूल में एसिटामिनोफिन, ट्रामाडोल हाइड्रोक्लोराइड और डाइक्लोमाइन हाइड्रोक्लोराइड साल्ट शामिल हैं। ड्रग इंस्पेक्टर ने स्पष्ट किया कि संबंधित दवाओं का विक्रय निर्धारित चिकित्सकीय पर्चे और अधिकृत मेडिकल स्टोर के माध्यम से ही किया जा सकता है। बिना वैध अनुमति इनके भंडारण और परिवहन पर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। पुलिस पूछताछ में कासिफ ने कथित तौर पर खुलासा किया कि वह इन कैप्सूलों को मुजफ्फरनगर और आसपास के क्षेत्रों में बेचने के लिए ले जा रहा था। उसने पुलिस को बताया कि यह खेप उसे सचिन गुप्ता नामक व्यक्ति से मिली थी। पुलिस ने सचिन गुप्ता को भी मामले में नामजद कर उसकी गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए हैं। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8, 21 और 22 के तहत मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक प्रदीप कुमार द्विवेदी को सौंपी गई है। सीओ नई मंडी राजू कुमार साव के अनुसार, फरार नामजद आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि प्रतिबंधित कैप्सूल की खेप कहां से लाई गई थी, इसकी सप्लाई किन लोगों तक पहुंचाई जानी थी और इस अवैध कारोबार में और कौन-कौन शामिल हैं।

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