नीरज प्रजापति
दूसरों की आईडी पर सिम निकलवाकर विदेश भेजते थे WhatsApp OTP, भारतीय नंबरों से देशभर में साइबर फ्रॉड का आरोप; झारखंड और पश्चिम बंगाल की दो शिकायतों में सामने आई 53,83,822 रुपये की धोखाधड़ी, करीब 70 सिम सक्रिय होने की जानकारी से पुलिस महकमे में हलचल।
मुजफ्फरनगर। दूसरों की पहचान पर सिम कार्ड हासिल करना, उन्हें मुजफ्फरनगर में सक्रिय कराना और फिर उन पर आने वाले WhatsApp OTP थाईलैंड में बैठे साइबर अपराधियों तक पहुंचाना। साइबर ठगी के इस कथित नेटवर्क का खुलासा मुजफ्फरनगर पुलिस की जांच में हुआ है। थाना साइबर क्राइम पुलिस ने गांव हरसौली निवासी दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के मोबाइल फोन में करीब 70 सिम सक्रिय होने की जानकारी मिली है। इन नंबरों पर संचालित WhatsApp खातों के जरिए झारखंड और पश्चिम बंगाल में दो साइबर धोखाधड़ी की शिकायतें सामने आई हैं, जिनमें कुल **53 लाख 83 हजार 822 रुपये** की ठगी की जानकारी मिली है। पुलिस अब दूसरे सिम कार्डों, विदेशी संपर्कों और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका खंगाल रही है। पुलिस के अनुसार, गृह मंत्रालय के ऑनलाइन पोर्टल ‘प्रतिबिंब’ पर मुजफ्फरनगर से फर्जी WhatsApp कॉल और संदेश भेजकर साइबर धोखाधड़ी किए जाने की शिकायतें मिली थीं। जांच में सामने आया कि संबंधित मोबाइल नंबर थाना शाहपुर क्षेत्र में सक्रिय कराए गए थे। इसके बाद इन नंबरों पर WhatsApp लॉगिन कराने के लिए आने वाले OTP विदेश में बैठे कथित साइबर अपराधियों को साझा किए जाते थे। आरोप है कि विदेशी साथी भारतीय मोबाइल नंबरों पर संचालित WhatsApp खातों का इस्तेमाल कर भारत में लोगों को निशाना बनाते थे। इस तरह स्थानीय स्तर पर सिम और OTP उपलब्ध कराने वाले लोगों तथा विदेश में बैठकर कथित ठगी करने वालों के बीच संपर्क की कड़ी सामने आई। पुलिस की पूछताछ के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी अपने परिचितों से निजी जरूरत बताकर उनके नाम पर सिम कार्ड निकलवाते थे। निजी इस्तेमाल का भरोसा देकर हासिल किए गए सिम कार्डों को शाहपुर क्षेत्र में सक्रिय कराने के बाद उनके नंबरों पर आने वाले OTP विदेश में बैठे साथियों को भेजे जाते थे। इसके बाद उन नंबरों से WhatsApp लॉगिन कराया जाता था। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोनू पुत्र मेहर इलाही और कबीर पुत्र मुकीम निवासी गांव हरसौली, थाना शाहपुर के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके कब्जे से दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के विरुद्ध थाना साइबर क्राइम में मुकदमा संख्या 39/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 3(5) और 111 में अभियोग दर्ज है। बरामद मोबाइलों में करीब 70 सिम सक्रिय होने की जानकारी मिलने के बाद पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कितने भारतीय नंबरों पर विदेश में बैठे साथियों के लिए WhatsApp खाते सक्रिय कराए गए थे।झारखंड और पश्चिम बंगाल से संबंधित दो शिकायतों में कुल 53,83,822 रुपये की धोखाधड़ी की जानकारी सामने आई है। अन्य सिमों से जुड़ी शिकायतों और संभावित पीड़ितों के संबंध में साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की भी गहन जांच की जाएगी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय के पर्यवेक्षण तथा एसपी क्राइम इंदु सिद्धार्थ, क्षेत्राधिकारी अपराध सुभाषचंद और थाना साइबर क्राइम प्रभारी कर्मवीर सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई की। टीम में उपनिरीक्षक जय शर्मा, मुबारिक हसन और अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।
