नीरज प्रजापति
आवाज देकर बाहर बुलाया, फिर मार दी गोली, बाइक सवार हमलावर फरार।
मुजफ्फरनगर। भौराकलां में शिव मंदिर का शांत परिसर मंगलवार को गोलियों की गूंज से दहल उठा। जिस मंदिर में प्रतिदिन पूजा-पाठ और धार्मिक गतिविधियां होती थीं, वहीं 81 वर्षीय पुजारी स्वामी देवानंद भारती की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वारदात को जिस अंदाज में अंजाम दिया गया, उसने न केवल स्थानीय लोगों को स्तब्ध कर दिया, बल्कि मंदिर परिसर की सुरक्षा और हमलावरों की मंशा को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती हत्यारों तक पहुंचने के साथ-साथ हत्या के पीछे छिपे कारणों का पता लगाना है।
आईटीआई परिसर स्थित शिव मंदिर में वारदात
घटना थाना भौराकलां क्षेत्र में आईटीआई परिसर के भीतर बने प्रसिद्ध शिव मंदिर की है। जानकारी के अनुसार, स्वामी देवानंद भारती मंदिर में पुजारी के रूप में रह रहे थे। मंगलवार को मोटरसाइकिल पर सवार होकर दो अज्ञात युवक मंदिर परिसर में पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने मंदिर के बाहर से पुजारी को आवाज देकर बुलाया। कुछ ही देर बाद गोली चलने की आवाज गूंज उठी। इस अचानक हुई वारदात से आसपास के क्षेत्र में सनसनी फैल गई।
गोली की आवाज सुनकर दौड़ा पीआरडी जवान
मंदिर के पास बने क्वार्टर में तैनात पीआरडी जवान ने गोली की आवाज सुनी तो वह तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़ा। हालांकि, उसके मौके पर पहुंचने से पहले ही हमलावर वारदात को अंजाम देकर मोटरसाइकिल से फरार हो चुके थे। पुजारी को गोली लगने की घटना सामने आते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर पुलिस को बुलाया गया और अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू की।
सेना से सेवानिवृत्त थे स्वामी देवानंद भारती
मृतक स्वामी देवानंद भारती मूल रूप से ग्वालियर के निवासी बताए गए हैं। वह सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद मंदिर में रहकर धार्मिक गतिविधियों से जुड़े हुए थे। 81 वर्ष की उम्र में उनकी हत्या की घटना ने लोगों को झकझोर दिया है। मंदिर जैसे धार्मिक स्थल पर इस प्रकार की वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है। हालांकि, हत्या के पीछे व्यक्तिगत रंजिश, विवाद या कोई अन्य कारण था, इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है।
डीआईजी और एसएसपी ने संभाली जांच की कमान
घटना की गंभीरता को देखते हुए सहारनपुर के डीआईजी अभिषेक सिंह, मुजफ्फरनगर के एसएसपी सूरज कुमार राय और एसपी देहात अक्षय संजय महाडीक मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और जांच से जुड़े अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। फॉरेंसिक टीम तथा डॉग स्क्वाड ने भी मौके से साक्ष्य जुटाए। पुलिस को घटनास्थल से एक गोली भी बरामद हुई है। जांच टीम वारदात से जुड़े भौतिक साक्ष्यों और उपलब्ध सुरागों को जोड़ने में जुटी है।
परिचित पर शक, तीन टीमें तलाश में जुटीं
डीआईजी अभिषेक सिंह के अनुसार, शुरुआती जांच में यह आशंका जताई गई है कि हत्या में किसी परिचित व्यक्ति की भूमिका हो सकती है। पुलिस इस पहलू को ध्यान में रखकर मृतक के संपर्कों और संभावित रंजिश की पड़ताल कर रही है। हत्यारों तक पहुंचने के लिए एसओजी, सर्विलांस और स्थानीय थाना पुलिस की तीन टीमें गठित की गई हैं। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि हमलावरों की पहचान और उनके भागने के रास्ते का पता लगाया जा सके।
कई सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस
मंदिर पहुंचकर पुजारी को आवाज देना, फिर गोली चलना और हमलावरों का तुरंत फरार हो जाना जांच के अहम बिंदु बने हुए हैं।
