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‘धमाल’ फ्रेंचाइज़ी हमेशा से अपनी बेफिक्र कॉमेडी, अजीबोगरीब किरदारों और हंसी से भरपूर घटनाओं के लिए जानी जाती रही है। अब निर्देशक इंद्र कुमार ‘धमाल 4’ के साथ इस लोकप्रिय सीरीज को नए रोमांच और बड़े कैनवास पर लेकर आए हैं। इस बार फिल्म में सिर्फ कॉमेडी ही नहीं, बल्कि एडवेंचर, खजाने की खोज और समुद्री डाकुओं का रोमांच भी देखने को मिलता है। फिल्म शुरुआत से ही हल्के-फुल्के अंदाज में दर्शकों को हंसाने की कोशिश करती है और ज्यादातर जगहों पर सफल भी रहती है।

कहानी

फिल्म की कहानी एक प्राचीन खजाने की तलाश के इर्द-गिर्द घूमती है। गुड्डू (अजय देवगन) को एक ऐसे खजाने का सुराग मिलता है, जिसकी जानकारी पृथ्वी (उपेंद्र लिमये) के पास होती है। लेकिन यह राज सिर्फ गुड्डू तक सीमित नहीं रहता। आदि (अरशद वारसी), मानव (जावेद जाफरी), लल्लन (रितेश देशमुख) और कई अन्य लोग भी इस खजाने के पीछे निकल पड़ते हैं। इसी बीच अधूरा (रवि किशन) नाम का एक सनकी समुद्री डाकू भी इस दौड़ में शामिल हो जाता है। इसके बाद शुरू होता है गलतफहमियों, भागदौड़, हास्यास्पद घटनाओं और रोमांच से भरा सफर। हर किरदार किसी भी तरह पहले खजाने तक पहुंचना चाहता है और यही दौड़ फिल्म को लगातार मनोरंजक बनाए रखती है।

निर्देशन

निर्देशक इंद्र कुमार ने ‘धमाल’ की पहचान को बरकरार रखते हुए फिल्म को बड़े स्तर पर पेश किया है। पहले हाफ में कॉमेडी और मनोरंजन का अच्छा संतुलन देखने को मिलता है। कई दृश्य पुराने ‘धमाल’ की याद दिलाते हैं और दर्शकों को खूब हंसाते हैं। हालांकि दूसरे हाफ में फिल्म की रफ्तार थोड़ी धीमी महसूस होती है और कुछ दृश्य लंबे लगते हैं, लेकिन क्लाइमेक्स फिर से फिल्म को संभाल लेता है। परिवार के साथ देखने लायक साफ-सुथरी कॉमेडी देने में निर्देशक काफी हद तक सफल रहे हैं।

अभिनय

अजय देवगन पूरे आत्मविश्वास के साथ फिल्म को आगे बढ़ाते हैं। उनका कॉमिक अंदाज और स्क्रीन प्रेजेंस प्रभावशाली है। अरशद वारसी और जावेद जाफरी एक बार फिर अपनी शानदार कॉमिक टाइमिंग से सबसे ज्यादा हंसाते हैं। दोनों की जोड़ी फिल्म की सबसे बड़ी ताकत बनकर सामने आती है। रितेश देशमुख अपने देसी अंदाज और मासूम कॉमेडी से मनोरंजन का स्तर बनाए रखते हैं। रवि किशन समुद्री डाकू के किरदार में अलग रंग भरते हैं और कई जगह दर्शकों को हंसाने में सफल रहते हैं। संजय मिश्रा अपने छोटे लेकिन असरदार किरदार में हमेशा की तरह छाप छोड़ते हैं। उपेंद्र लिमये, अंजली आनंद और बाकी कलाकार भी कहानी को मजबूती देते हैं। ईशा गुप्ता की विशेष उपस्थिति भी फिल्म में आकर्षण बढ़ाती है।

तकनीकी पक्ष

फिल्म की सिनेमैटोग्राफी शानदार है। द्वीप, समुद्र और एडवेंचर वाले दृश्य बड़े पर्दे पर आकर्षक लगते हैं। बैकग्राउंड स्कोर फिल्म के माहौल को बेहतर बनाता है। संगीत ठीक-ठाक है और कहानी के साथ चलता है, हालांकि कोई गीत लंबे समय तक याद नहीं रहता। संपादन पहले हाफ में कसा हुआ है, लेकिन दूसरे हाफ में थोड़ी कसावट और होती तो फिल्म और बेहतर बन सकती थी।

फाइनल वर्डिक्ट

‘धमाल 4’ एक ऐसी फिल्म है जो लॉजिक से ज्यादा मनोरंजन पर भरोसा करती है। अगर आप हल्की-फुल्की कॉमेडी, एडवेंचर और पूरी फैमिली के साथ हंसने वाली फिल्म देखना चाहते हैं, तो यह फिल्म आपको निराश नहीं करेगी। कुछ कमियों के बावजूद अजय देवगन, अरशद वारसी, जावेद जाफरी और रितेश देशमुख की शानदार कॉमिक टाइमिंग फिल्म को संभाल लेती है। हंसी, मस्ती और रोमांच से भरपूर यह फिल्म एक अच्छा पारि

वारिक मनोरंजन पैकेज है।

By editor

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