पत्रकार वार्ता में पूर्व केंद्रीय मंत्री के बयान को बताया निराधार, वायरल वीडियो पर भी प्रदीप जैन ने दी सफाई, बोले—गौ सेवकों का नहीं किया अपमान, गौ माता को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने की उठाई मांग

 

नीरज प्रजापति

मुजफ्फरनगर। भारत माता चौक स्थित जैन अतिथि भवन में आयोजित सकल जैन समाज की पत्रकार वार्ता में पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी के हालिया बयान को लेकर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। समाज के पदाधिकारियों ने उनके उस कथित बयान को पूरी तरह निराधार और भ्रामक बताया, जिसमें जैन साधु-संतों की पिच्छी (झाड़न) बनाने के लिए 15 लाख मोरों की हत्या किए जाने का आरोप लगाया गया था। समाज ने कहा कि यदि इस आरोप के समर्थन में कोई तथ्य या प्रमाण हैं तो उन्हें सार्वजनिक किया जाए, अन्यथा मेनका गांधी पूरे जैन समाज से सार्वजनिक रूप से क्षमा याचना करें।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि जैन समाज सदियों से अहिंसा, जीव दया और सत्य के सिद्धांतों पर चलने वाला समाज रहा है। इसके बावजूद समय-समय पर समाज के धार्मिक विश्वासों और परंपराओं को लेकर भ्रामक और असत्य बयान दिए जाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे बयानों से न केवल जैन समाज की भावनाएं आहत होती हैं, बल्कि समाज की छवि को भी नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया जाता है।
समाज के वरिष्ठ सदस्य प्रदीप जैन ने कहा कि मेनका गांधी द्वारा लगाए गए आरोप पूरी तरह आधारहीन हैं। यदि उनके पास इस संबंध में कोई तथ्यात्मक साक्ष्य हैं तो उन्हें सार्वजनिक मंच पर प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने कहा कि जैन समाज हर प्रकार की तथ्यात्मक चर्चा और संवाद के लिए तैयार है, लेकिन बिना प्रमाण के लगाए गए आरोप स्वीकार नहीं किए जा सकते।
वायरल वीडियो पर भी दी सफाई
पत्रकार वार्ता के दौरान हाल ही में जिला अधिकारी को ज्ञापन सौंपने के दौरान वायरल हुई अपनी वीडियो पर भी प्रदीप जैन ने विस्तार से सफाई दी। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर उनके बयान को संदर्भ से हटाकर प्रस्तुत किया गया, जिससे लोगों में गलत संदेश गया। उनका उद्देश्य किसी भी गौ सेवक या गौ संरक्षण से जुड़े व्यक्ति का अपमान करना नहीं था।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका आशय केवल इतना था कि जो लोग अपनी निजी आय और संसाधनों से गौशालाओं का संचालन कर रहे हैं या गौ सेवा में लगे हैं, वे निस्वार्थ भाव से कार्य कर रहे हैं और वहां भ्रष्टाचार की संभावना बहुत कम होती है। जबकि सरकारी अनुदान प्राप्त करने वाली संस्थाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए। उनके बयान को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत कर विवाद खड़ा किया गया।
गौ माता को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने की मांग
सकल जैन समाज ने पत्रकार वार्ता के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार से मांग की कि गौ माता को राष्ट्रीय धरोहर घोषित किया जाए तथा गौ संरक्षण और गौशालाओं के संचालन के लिए प्रभावी एवं पारदर्शी व्यवस्था लागू की जाए। समाज का कहना था कि गौ संरक्षण केवल किसी एक समाज का नहीं, बल्कि पूरे देश की सांस्कृतिक और धार्मिक आस्था से जुड़ा विषय है।
पत्रकार वार्ता में गौरव जैन, पंकज जैन, राजकुमार जैन, रोहित जैन, प्रभाष जैन, विप्लव जैन, संजय कुमार, नितिन जैन, राजेश जैन, अनुज जैन सहित सकल जैन समाज के अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि जैन समाज अपनी धार्मिक मान्यताओं और सम्मान के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगा तथा असत्य और भ्रामक आरोपों का लोकतांत्रिक और तथ्यात्मक तरीके से जवाब देता रहेगा।

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