नीरज प्रजापति

जिला परिषद मार्केट की गायत्री मेडिकल एजेंसी पर अचानक पहुंची हिमाचल की टीम, घंटों खंगाले दस्तावेज और संचालक को पूछताछ के लिए साथ ले गई, दवाओं के कारोबार के संभावित नेटवर्क की पड़ताल तेज।

मुजफ्फरनगर। दवाओं के कारोबार को लेकर मुजफ्फरनगर की जिला परिषद मार्केट अचानक अंतरराज्यीय जांच एजेंसी के निशाने पर आ गई। हिमाचल प्रदेश में दवाओं से जुड़े एक मामले की जांच की आंच शुक्रवार को मुजफ्फरनगर तक पहुंच गई। हिमाचल प्रदेश से आई नारकोटिक्स टीम ने जिला परिषद मार्केट स्थित गायत्री मेडिकल एजेंसी पर अचानक दस्तक देकर ऐसी कार्रवाई की कि पूरे दवा बाजार में हलचल मच गई। टीम की इस कार्रवाई ने दवा कारोबारियों के बीच चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया। जानकारी के मुताबिक, हिमाचल प्रदेश में दवाओं से संबंधित एक मामले की जांच के दौरान गायत्री मेडिकल एजेंसी का संभावित कनेक्शन सामने आने के बाद वहां की नारकोटिक्स टीम मुजफ्फरनगर पहुंची थी। टीम ने शुक्रवार शाम एजेंसी पर पहुंचकर जांच शुरू की। इस दौरान अधिकारियों ने एजेंसी में उपलब्ध दस्तावेजों, कारोबारी रिकॉर्ड और अन्य जानकारियों को बारीकी से खंगाला। कार्रवाई को पूरी तरह जांच के दृष्टिकोण से अंजाम दिया गया। सूत्रों के अनुसार, टीम की नजर केवल एजेंसी के सामान्य कामकाज तक सीमित नहीं थी, बल्कि हिमाचल में सामने आए दवा संबंधी मामले से जुड़े संभावित कारोबारी संपर्कों की भी पड़ताल की जा रही थी। टीम ने एजेंसी संचालक से विभिन्न बिंदुओं पर पूछताछ की। काफी देर तक चली जांच और पूछताछ के बाद नारकोटिक्स टीम एजेंसी संचालक को अपने साथ लेकर रवाना हो गई। इस घटनाक्रम ने मामले को और अधिक चर्चा में ला दिया है। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि हिमाचल प्रदेश में जांच के दायरे में आया मामला किस प्रकार का है और एजेंसी संचालक की उसमें कथित भूमिका क्या बताई जा रही है। किसी भी तरह के आरोप की आधिकारिक पुष्टि भी सामने नहीं आई है। हिमाचल प्रदेश की टीम की अचानक आमद और मेडिकल एजेंसी संचालक को साथ ले जाने की खबर फैलते ही जिला परिषद मार्केट में व्यापारियों के बीच चर्चाएं शुरू हो गईं। देखते ही देखते यह कार्रवाई पूरे दवा बाजार में चर्चा का विषय बन गई। इस मामले में जिला औषधि निरीक्षक देशबंधू विमल को भी कार्रवाई की जानकारी मिली है। उन्होंने बताया कि उन्हें नारकोटिक्स टीम की कार्रवाई की सूचना प्राप्त हुई है। शुक्रवार को उनकी ड्यूटी सहारनपुर में होने के कारण वह मौके पर मौजूद नहीं थे। उन्होंने मामले को शनिवार को दिखवाने की बात कही है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि हिमाचल प्रदेश में दवाओं से जुड़े मामले की जांच के तार मुजफ्फरनगर तक कैसे पहुंचे और आगे की पड़ताल में क्या तथ्य सामने आते हैं। अब सभी की निगाहें नारकोटिक्स टीम की अगली कार्रवाई और आधिकारिक खुलासे पर टिकी हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights