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नई दिल्ली, 30 अक्टूबर । भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्षी दलों में एकता और संगठनात्मक समन्वय का अभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। यही कारण है कि राहुल गांधी को अपनी मॉक पार्लियामेंट स्थगित करनी पड़ी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और विपक्षी दल लोकतंत्र के नाम पर देश की संवैधानिक संस्थाओं का अपमान कर रहे हैं और जनता के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं लोकसभा सदस्य डॉ. संबित पात्रा ने शुक्रवार को अपने आवास पर मीडिया से कहा कि विपक्षी नेताओं ने एक बार फिर एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित रैली को लेकर गलत बयान दिए हैं। राहुल गांधी का आरोप है कि सरकार दिल्ली के बाहर से आने वाले लोगों को रैली में शामिल होने से रोक रही है। राहुल को इस आरोप के समर्थन में प्रमाण प्रस्तुत करने चाहिए। उन्हें बताना चाहिए कि किस व्यक्ति को, किस सड़क या किस स्थान पर रोका गया है।

उन्होंने कहा कि आज के दौर में लोग मोबाइल फोन से घटनाओं की रिकॉर्डिंग करते हैं। यदि वास्तव में लोगों को रोका जा रहा होता या सड़कें बंद की गई होतीं, तो राहुल को इसके वीडियो सामने रखने चाहिए थे। बिना किसी प्रमाण के इस तरह के आरोप लगाना देश में भ्रम का वातावरण बनाने जैसा है। उन्होंने राहुल से झूठ और भ्रम फैलाना बंद करने की अपील की।

भाजपा प्रवक्ता ने विपक्षी गठबंधन को परिवारवादी दलों का समूह बताते हुए कहा कि चुनाव से पहले ये पार्टियां एक-दूसरे का हाथ पकड़कर एकजुटता प्रदर्शित करती हैं, लेकिन उनके बीच दिल से कोई तालमेल नहीं है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2013, 2018-19 और 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले भी विपक्षी नेताओं की एकजुटता की ऐसी तस्वीरें सामने आई थीं। उत्तर प्रदेश के चुनावों के दौरान भी इस तरह के राजनीतिक प्रदर्शन देखने को मिले हैं।

डॉ. पात्रा ने तंज कसते हुए कहा कि विपक्षी नेता हाथ पकड़कर तस्वीरें तो खिंचवा लेते हैं, लेकिन उनके मन में एक-दूसरे को लेकर अविश्वास बना रहता है। सभी दलों की चिंता इस बात को लेकर है कि चुनाव में किसे कितनी सीटें मिलेंगी। केवल एकजुटता की तस्वीरों से राजनीतिक सफलता नहीं मिलती।

उन्होंने दावा किया कि आगामी चुनावों में सीटों के बंटवारे को लेकर विपक्षी दलों के बीच टकराव होना तय है। चुनाव के समय इन दलों के बीच मतभेद सामने आएंगे और उनके बीच तथाकथित दोस्ताना मुकाबला देखने को मिलेगा।

समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए डॉ. पात्रा ने कहा कि पार्टी एक तरफ विधान परिषद की पांच सीटें जीतने का जश्न मना रही है, वहीं दूसरी तरफ छह सीटों पर चुनाव में धांधली का आरोप लगा रही है। उन्होंने सवाल किया कि सपा को पहले अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए कि वह चुनाव में मिली जीत का जश्न मना रही है या चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगा रही है।

उन्होंने कहा कि यदि समाजवादी पार्टी को लगता है कि चुनाव में धांधली हुई है, तो उसे संबंधित स्थानों और घटनाओं के बारे में स्पष्ट जानकारी देते हुए शिकायत करनी चाहिए। वहीं, यदि पार्टी को जीत मिली है तो उसे उसका जश्न मनाना चाहिए। दोनों तरह के दावे एक साथ करना विरोधाभासी है।

डॉ. पात्रा ने कहा कि विपक्षी दल चुनावी राजनीति में अपनी स्थिति मजबूत करने के बजाय मार्च, रैली और मॉक पार्लियामेंट जैसे आयोजनों के जरिए राजनीतिक माहौल बनाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेता अराजकता के जरिए सत्ता परिवर्तन का रास्ता तलाश रहे हैं।

राहुल और कांग्रेस को लोकतंत्र तथा संवैधानिक संस्थाओं के प्रति जिम्मेदारी दिखानी चाहिए। जनता उचित समय पर विपक्ष की राजनीति का जवाब देगी।

By editor

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