शिवम वत्स
भव्य शोभायात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब, लव-कुश से लेकर माता काली तक की आकर्षक झांकियों ने मोहा मन, थाना अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह ने फीता काटकर किया शुभारंभ।
मीरापुर। महर्षि वाल्मीकि जयंती के पावन अवसर पर शुक्रवार को मीरापुर में श्रद्धा, उत्साह और सामाजिक एकता का अद्भुत नजारा देखने को मिला। नगर की गलियां महर्षि वाल्मीकि के जयकारों से गूंज उठीं और भव्य शोभायात्रा में शामिल सैकड़ों श्रद्धालुओं ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। आकर्षक झांकियों, ढोल-बैंड की गूंज और नृत्य करते युवाओं ने जयंती समारोह को यादगार बना दिया। शोभायात्रा का शुभारंभ थाना अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह ने फीता काटकर किया। इससे पूर्व थाना अध्यक्ष ने महर्षि वाल्मीकि के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धापूर्वक नमन किया। उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने रामायण जैसे महान ग्रंथ की रचना कर संपूर्ण मानव समाज को मर्यादा, सत्य, त्याग और आदर्श जीवन का मार्ग दिखाया। उनके विचार और शिक्षाएं आज भी समाज को सही दिशा देने का काम कर रही हैं। उन्होंने सभी को वाल्मीकि जयंती की शुभकामनाएं देते हुए उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। भव्य शोभायात्रा पड़ाव चौक स्थित वाल्मीकि मंदिर से प्रारंभ हुई। यहां से शोभायात्रा वैश्य धर्मशाला, मीरापुर बस स्टैंड, थाना परिसर के सामने से होते हुए मुख्य बाजार के मार्ग से गुजरी। नगर के विभिन्न स्थानों पर स्थानीय लोगों ने पुष्प वर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया। श्रद्धालुओं ने महर्षि वाल्मीकि के जयकारे लगाकर वातावरण को भक्तिमय बनाए रखा। शोभायात्रा का समापन पुनः पड़ाव चौक स्थित वाल्मीकि मंदिर पर होना निर्धारित रहा। शोभायात्रा का सबसे बड़ा आकर्षण विभिन्न धार्मिक और महापुरुषों पर आधारित मनमोहक झांकियां रहीं। महर्षि वाल्मीकि, भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर, लव-कुश, भालू, अघोरी बाबा और माता काली की झांकियों ने लोगों को आकर्षित किया। झांकियों में सजे कलाकारों की जीवंत प्रस्तुतियों को देखने के लिए जगह-जगह लोग जुटे रहे। वहीं आगे चल रही ढोल-बैंड पार्टी की भक्तिमय धुनों पर युवा जमकर झूमते और नृत्य करते नजर आए। शोभायात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से बचने के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। पूरे आयोजन में वाल्मीकि समाज के लोगों के साथ नगर के गणमान्य नागरिकों ने भी बढ़-चढ़कर सहभागिता की। इस अवसर पर बाबूराम, अमित सील, विजेंद्र सिंह, संजीव सील, अमित हांडा, प्रिंस, नोनू, अजीत, बबलू, संदीप भारती और दर्शन सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। महर्षि वाल्मीकि जयंती के आयोजन ने मीरापुर में धार्मिक उल्लास के साथ सामाजिक एकता और आपसी भाईचारे का संदेश भी दिया।
