11 अगस्त को भव्य शिवरात्रि महोत्सव में होगा ‘श्री एकांत द्वार’, राजा राम भवन, धार्मिक पुस्तकालय और नव-निर्मित कॉरिडोर का लोकार्पण, रुद्राभिषेक, महाआरती, छप्पन भोग और चांदी के मुकुट से होगा भोलेनाथ का दिव्य श्रृंगार; 36 घंटे तक श्रद्धालुओं के लिए खुले रहेंगे मंदिर के कपाट।
पीयूष शर्मा
शाहपुर। श्रावण मास की पावन शिवरात्रि पर इस बार शाहपुर स्थित श्री एकांतेश्वर महादेव मंदिर भक्ति, आस्था और सनातन संस्कृति के अद्भुत संगम का साक्षी बनने जा रहा है। मंदिर परिसर में आयोजित प्रेस वार्ता में मंदिर परिवार ने 11 अगस्त को होने वाले भव्य, दिव्य और ऐतिहासिक शिवरात्रि महोत्सव की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि आयोजन को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस बार का महोत्सव केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि मंदिर के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी श्रद्धालुओं के समक्ष होगा।

मंदिर परिवार ने बताया कि 11 अगस्त को प्रातः 3:00 बजे से 12 अगस्त को दोपहर 3:00 बजे तक मंदिर के कपाट लगातार खुले रहेंगे। इस दौरान हजारों श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक, रुद्राभिषेक तथा विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर पुण्य लाभ अर्जित करेंगे। पूरे मंदिर परिसर को आकर्षक विद्युत सज्जा, फूलों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को दिव्य आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव होगा।
मंदिर समिति के अनुसार सायं 5:20 बजे बुढ़ाना विधायक राजपाल बालियान द्वारा मंदिर के भव्य प्रवेश द्वार “श्री एकांत द्वार” का शिलान्यास किया जाएगा। इसके बाद सायं 5:30 बजे मंदिर परिसर में नवनिर्मित 90×30 फीट के “राजा राम भवन” का लोकार्पण होगा। इस अवसर पर रामकुमार ज्वेलर्स, मुजफ्फरनगर के संचालक रामकुमार गोयल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे, जबकि विधायक राजपाल बालियान, पूर्व चेयरमैन राजेश सिंघल एवं नमो किराना स्टोर के संचालक राकेश बंसल विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाएंगे।

सायं 5:40 बजे मंदिर परिसर में स्थापित धार्मिक पुस्तकालय का लोकार्पण स्वामी यशवीर जी महाराज, श्यामपाल भाई जी, डॉ. प्रदीप चौहान एवं नरेंद्र कुमार गर्ग द्वारा किया जाएगा। मंदिर परिवार का कहना है कि यह पुस्तकालय सनातन धर्म के ज्ञान, संस्कार और धार्मिक साहित्य के प्रचार-प्रसार का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा, जहां नई पीढ़ी भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं से जुड़ सकेगी।

इसके बाद सायं 5:50 बजे मंदिर के नव-निर्मित कॉरिडोर का लोकार्पण किया जाएगा। इस अवसर पर उन सभी सहयोगियों और पत्रकार बंधुओं को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है, जिनके सहयोग और समर्पण से मंदिर का यह भव्य स्वरूप साकार हो पाया है।
महोत्सव का सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन सायं 6:00 बजे भगवान भोलेनाथ का रुद्राभिषेक होगा। मंदिर समिति ने इसके लिए 551 रुपये का विशेष टोकन जारी किया है। यह टोकन सात भागों में विभाजित होगा, जिसके माध्यम से श्रद्धालु सम्मान स्वरूप पगड़ी प्राप्त करेंगे, आचार्य द्वारा विधिवत पूजन कराएंगे, भगवान शिव को अर्पित पवित्र कलश प्राप्त करेंगे, परिवार सहित स्मृति-चित्र खिंचवाएंगे, नव-निर्मित कॉरिडोर से गर्भगृह में प्रवेश कर स्वयं रुद्राभिषेक करेंगे, महादेव का विशेष उपहार प्राप्त करेंगे तथा अंत में प्रसाद ग्रहण करेंगे। मंदिर समिति ने बताया कि श्रद्धालुओं के लिए यह व्यवस्था आध्यात्मिक अनुभव को और अधिक स्मरणीय बनाएगी।
रात्रि 1:00 बजे भगवान भोलेनाथ का भव्य श्रृंगार किया जाएगा। इस अवसर पर एक श्रद्धालु द्वारा भगवान शिव को चांदी की परत अर्पित की जाएगी तथा चांदी के मुकुट से बाबा का दिव्य श्रृंगार होगा। मंदिर परिसर में यह अलौकिक दृश्य श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा और पूरा वातावरण “हर-हर महादेव” तथा “बम-बम भोले” के जयघोष से गूंज उठेगा।
इसके उपरांत रात्रि 1:15 बजे भगवान शिव की महाआरती होगी, जिसमें हजारों श्रद्धालु दीपों की पावन रोशनी और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भोलेनाथ की आराधना करेंगे। रात्रि 1:30 बजे भगवान शिव को छप्पन भोग अर्पित किए जाएंगे और उसके बाद श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया जाएगा। मंदिर समिति का कहना है कि इस बार की महाआरती और छप्पन भोग का आयोजन अत्यंत भव्य एवं दिव्य स्वरूप में किया जाएगा।
प्रेस वार्ता के दौरान मंदिर परिवार ने कहा कि श्रावण मास में भगवान शिव की उपासना का विशेष महत्व है। शिवरात्रि के पावन अवसर पर किया गया जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और शिव आराधना भक्तों के जीवन में सुख, समृद्धि, आरोग्य और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करती है। इसलिए सभी शिवभक्त अपने परिवार सहित इस दिव्य महोत्सव में शामिल होकर भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करें।
मंदिर समिति ने समस्त क्षेत्रवासियों एवं शिवभक्तों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस ऐतिहासिक आयोजन का हिस्सा बनने की अपील करते हुए कहा कि श्री एकांतेश्वर महादेव मंदिर में इस बार की शिवरात्रि केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, श्रद्धा, सेवा और सामाजिक एकता का विराट उत्सव बनने जा रही है। पूरे क्षेत्र में शिवभक्ति की अविरल धारा बहेगी और भोलेनाथ की कृपा से वातावरण भक्ति, आस्था और अध्यात्म के दिव्य प्रकाश से आलोकित होगा। हर-हर महादेव!
