नीरज प्रजापति
मेरठ बाईपास के गोल चक्कर पर देहात पुलिस और स्वाट टीम की संयुक्त कार्रवाई, नई करेंसी के बदले मोटी रकम का लालच देकर सौदेबाजी करने वाले कथित नेटवर्क की जांच तेज।
हापुड़। वर्ष 2016 की नोटबंदी के बाद चलन से बाहर हो चुके पुराने नोटों की एक बड़ी खेप मिलने से हापुड़ में हलचल मच गई। देहात पुलिस और स्वाट टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक करोड़ 44 लाख रुपये की पुरानी करेंसी बरामद कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। बरामद नोटों में 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट शामिल हैं। पुलिस अब इस मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है कि आखिर बंद हो चुके नोटों की इतनी बड़ी रकम आरोपी के पास कहां से आई और इसके पीछे कौन-कौन लोग सक्रिय हैं।
मेरठ बाईपास के गोल चक्कर पर बिछाया जाल, संयुक्त टीम की कार्रवाई में गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार, आरोपी को मेरठ बाईपास स्थित गोल चक्कर के पास से गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई के दौरान उसके कब्जे से नोटबंदी के समय बंद किए गए पुराने नोटों की बड़ी खेप बरामद हुई। बरामद करेंसी का कुल मूल्य 1.44 करोड़ रुपये बताया गया है। इतनी बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित पुरानी करेंसी मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी से पूछताछ शुरू कर दी है।
नई करेंसी के बदले मोटी रकम का लालच देने का आरोप
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी कथित तौर पर ऐसे लोगों के संपर्क में था, जिन्हें पुराने नोटों के बदले नई करेंसी मिलने का लालच दिया जाता था। आरोप है कि इस प्रक्रिया के जरिए पुराने नोटों का सौदा करने और लोगों के साथ धोखाधड़ी करने का नेटवर्क सक्रिय था। इस कथित गतिविधि में आरोपी को मोटा कमीशन मिलने की बात भी सामने आई है।
हालांकि, पुलिस की जांच अभी जारी है। कथित नेटवर्क की वास्तविक भूमिका, सौदेबाजी में शामिल लोगों और किसी तरह की ठगी के प्रमाणों को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
पुराने नोटों का स्रोत क्या, किन लोगों से जुड़े हैं तार?
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि करीब दस वर्ष पहले बंद हो चुकी करेंसी इतनी बड़ी मात्रा में आरोपी तक कैसे पहुंची। क्या इन नोटों को किसी पुराने संग्रह से जुटाया गया था या इनके जरिए लोगों को ठगी का शिकार बनाने की योजना थी? इन सवालों के जवाब तलाशने के लिए पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। जांच टीम बरामद नोटों के स्रोत, आरोपी के संपर्कों और कथित लेनदेन से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस गतिविधि में अन्य लोग शामिल हैं या नहीं।
जांच के बाद खुल सकती हैं कई अहम कड़ियां
हापुड़ पुलिस की इस कार्रवाई के बाद पुराने नोटों की बरामदगी और उनसे जुड़े कथित सौदों का मामला चर्चा में है। फिलहाल एक आरोपी की गिरफ्तारी और 1.44 करोड़ रुपये की पुरानी करेंसी की बरामदगी इस प्रकरण का प्रमुख तथ्य है। अब पुलिस की जांच पर निगाहें टिकी हैं। पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर ही पूरे मामले की तस्वीर साफ होगी तथा यह पता चल सकेगा कि बंद करेंसी की इस खेप के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क था या मामला किसी सीमित गतिविधि तक ही जुड़ा हुआ था।
