उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल ने गोरखपुर के चिलुआताल में 20 मेगावाट क्षमता का ‘फ्लोटिंग सोलर प्लांट’ स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। राज्य के ऊर्जा एवं नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ‘फ्लोटिंग सोलर प्लांट’ स्थापित करने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई। ‘फ्लोटिंग सोलर प्लांट’ में सोलर पैनल जमीन पर लगाने के बजाय जलाशयों, झीलों, बांधों या तालाबों की सतह पर स्थापित किए जाते हैं।

शर्मा ने बताया कि अयोध्या को राज्य की पहली ‘सोलर सिटी’ के रूप में विकसित किया गया है और अब प्रदेश के अन्य 16 नगर निगमों को सोलर सिटी के रूप में स्थापित करने के लिए अभियान शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि इसी क्रम में गोरखपुर के चिलुआताल में 20 मेगावाट क्षमता का ‘फ्लोटिंग सोलर प्लांट’ स्थापित किया जाएगा जिस पर कोल इंडिया लिमिटेड द्वारा काम किया जा रहा है।

परियोजना की लागत के संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि अभी इसका आकलन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इससे पूर्व प्रदेश में दो ‘फ्लोटिंग सोलर प्लांट’ स्थापित किए जा चुके हैं, जिनमें औरैया में 20 मेगावाट तथा बुलंदशहर के खुर्जा में 11 मेगावाट क्षमता का सोलर प्लांट शामिल हैं।

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