शिवम वत्स
आठ दिन में चीनी 45 से 65 रुपये किलो, प्याज और लौकी के दाम भी आसमान पर, बारिश ने बढ़ाई आम आदमी की मुश्किल
मीरापुर। आम आदमी की घरेलू रसोई पर महंगाई की दोहरी मार पड़ रही है। एक ओर खाद्य तेल और चीनी जैसी रोजमर्रा की जरूरतों के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बारिश के चलते सब्जियों की कीमतों में भी तेजी आ गई है। अचानक बढ़े दामों ने मध्यम और गरीब परिवारों का घरेलू बजट पूरी तरह बिगाड़ दिया है। हालात ऐसे हैं कि रसोई का खर्च संभालना परिवारों के लिए चुनौती बनता जा रहा है।

स्थानीय बाजार में पिछले करीब आठ दिनों के दौरान चीनी के दाम में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। करीब 45 रुपये किलो बिकने वाली चीनी अब 65 रुपये किलो तक पहुंच गई है। यानी महज कुछ दिनों में ही प्रति किलो 20 रुपये की बढ़ोतरी ने उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है। खाद्य तेल के बढ़ते दाम भी घरों का बजट प्रभावित कर रहे हैं।

सब्जियों की बात करें तो बारिश के कारण आवक प्रभावित होने से कई सब्जियों के भाव तेजी से बढ़े हैं। लौकी, जो कुछ समय पहले करीब 20 रुपये किलो बिक रही थी, अब 40 रुपये किलो तक पहुंच गई है। प्याज के दाम भी 30 रुपये किलो से बढ़कर करीब 50 रुपये किलो हो गए हैं। अन्य सब्जियों के दामों में भी बढ़ोतरी से रसोई का खर्च लगातार बढ़ रहा है।

महंगाई की मार सबसे ज्यादा उन परिवारों पर पड़ रही है, जिनकी आमदनी सीमित है। गृहणियों का कहना है कि पहले जिस रकम में सप्ताहभर की सब्जियां और जरूरी सामान आसानी से आ जाता था, अब उसी बजट में आधा सामान भी मुश्किल से पूरा हो रहा है। लोगों का सवाल है कि जब आय में कोई खास बढ़ोतरी नहीं हुई तो रोजमर्रा की जरूरतों के दाम लगातार क्यों बढ़ रहे हैं।
बढ़ती महंगाई को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है। लोगों ने प्रशासन और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से बाजार में कीमतों की निगरानी कराने तथा अनावश्यक मूल्यवृद्धि पर अंकुश लगाने की मांग की है। जनता का कहना है कि यदि जल्द राहत नहीं मिली तो महंगाई की यह मार रसोई से निकलकर पूरे परिवार की आर्थिक व्यवस्था को और कमजोर कर देगी।
