सवालों के घेरे में विभाग की कार्यशैली, लोगों ने पूछा—जो काम सर्दियों में होना था, वह जून की तपती दोपहर में क्यों?
मुजफ्फरनगर। भीषण गर्मी और आसमान से बरसती आग के बीच बिजली विभाग की कार्यशैली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। मंडी समिति बिजलीघर के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में शुक्रवार सुबह लगभग 10 बजे से बिजली आपूर्ति बाधित कर मेंटेनेंस कार्य शुरू किया गया, जिससे हजारों उपभोक्ताओं को भीषण गर्मी में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
क्षेत्रवासियों का आरोप है कि जिस मेंटेनेंस कार्य के लिए घंटों तक बिजली आपूर्ति बंद रखी गई, वह कार्य गर्मी का मौसम शुरू होने से पहले या सर्दियों के दौरान भी किया जा सकता था। लेकिन विभाग ने ऐसा समय चुना, जब लोगों को बिजली की सबसे अधिक आवश्यकता है। तेज धूप, उमस और गर्म हवाओं के बीच बिजली गुल होने से घरों में छोटे बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों की हालत सबसे अधिक खराब रही।
स्थानीय लोगों का कहना है कि विभाग की कार्यप्रणाली बेहद धीमी है। सुबह से शुरू हुआ मेंटेनेंस कार्य देर तक कछुआ चाल से चलता रहा, जबकि क्षेत्रवासी गर्मी से बेहाल होकर बिजली आने का इंतजार करते रहे। लोगों का आरोप है कि विभाग के कर्मचारियों को आम जनता की परेशानियों से कोई सरोकार नहीं है और काम की रफ्तार देखकर ऐसा लगता है जैसे समय की कोई पाबंदी ही नहीं है।
क्षेत्रवासियों ने सवाल उठाया कि यदि विभाग को गर्मी के मौसम में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करनी थी, तो प्री-समर मेंटेनेंस पहले ही पूरा क्यों नहीं किया गया? आखिर ऐसी लापरवाही का खामियाजा आम उपभोक्ता क्यों भुगते?
लोगों का कहना है कि भीषण गर्मी के दौरान घंटों तक बिजली कटौती ने पेयजल व्यवस्था को भी प्रभावित किया। घरों में पानी की मोटरें बंद रहीं, कूलर और पंखे ठप हो गए तथा दैनिक कार्य भी प्रभावित हुए। कई लोगों ने विभाग की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि समय रहते योजनाबद्ध तरीके से मेंटेनेंस किया जाता तो आज जनता को इस परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता।
क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन और बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि भविष्य में मेंटेनेंस कार्य मौसम और जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कराया जाए। साथ ही लंबी बिजली कटौती से पहले स्पष्ट सूचना देने और कार्य को निर्धारित समय में पूरा कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भीषण गर्मी में लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
भीषण गर्मी में बिजली विभाग की मनमानी! घंटों की कटौती से उबल पड़े लोग, मेंटेनेंस के नाम पर जनता बेहाल
