नीरज प्रजापति
कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार ने बंतीखेड़ा पहुंचकर अंकित बालियान के परिजनों को बंधाया ढांढस, पिता ने बेटे की स्मृति में खेल स्टेडियम और स्कूल को इंटरमीडिएट कराने की रखी मांग
शामली। हरियाणवी कलाकार अंकित बालियान की सरेशाम हुई हत्या ने उसके परिवार ही नहीं, बल्कि गांव बंतीखेड़ा को भी गहरे सदमे में डाल दिया है। बेटे की मौत के बाद से परिवार में पसरे मातम के बीच शनिवार को कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार शोकाकुल परिवार के बीच पहुंचे। मंत्री के सामने बेटे को याद करते हुए अंकित के पिता सतबीर फौजी का दर्द अचानक छलक पड़ा और वह फफक-फफक कर रोने लगे। पिता की आंखों से बहते आंसुओं ने वहां मौजूद हर व्यक्ति को भावुक कर दिया।
शनिवार को कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार गांव बंतीखेड़ा स्थित अंकित बालियान के आवास पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों से मुलाकात कर घटना पर गहरा दुख जताया और परिवार को इस कठिन समय में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। बातचीत के दौरान जब अंकित का जिक्र आया तो उसके पिता सतबीर फौजी खुद को संभाल नहीं सके। बेटे को खोने का दर्द उनकी आंखों से आंसुओं के रूप में बाहर आ गया।
सतबीर फौजी ने भावुक होते हुए मंत्री को बताया कि बेटे की मौत ने परिवार को ऐसा गहरा जख्म दिया है, जिसे समय के साथ भी भर पाना आसान नहीं होगा। जिस बेटे को परिवार ने हंसते-खेलते और अपने सपनों को पूरा करते देखा था, आज उसकी यादें ही परिवार के पास रह गई हैं। पिता के दर्द और बेबसी को देखकर माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया।
बेटे की याद को विकास से जोड़ना चाहता हूं
दुख की इस घड़ी में भी अंकित के पिता ने अपने बेटे की याद को हमेशा जीवित रखने की इच्छा जाहिर की। उन्होंने कैबिनेट मंत्री के सामने गांव के विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण मांगें रखीं। उन्होंने बताया कि गांव में छात्राओं के लिए हाईस्कूल तक विद्यालय है, जिसे इंटरमीडिएट स्तर तक किए जाने की आवश्यकता है।
पिता ने मांग रखी कि विद्यालय का नाम उनके दिवंगत बेटे अंकित बालियान के नाम पर किया जाए, ताकि शिक्षा के इस केंद्र के माध्यम से आने वाली पीढ़ियां भी अंकित को याद करती रहें।
गांव में बने अंकित के नाम पर स्पोर्ट्स स्टेडियम
अंकित के पिता की सबसे भावुक मांग गांव में बेटे की स्मृति में खेल स्टेडियम बनवाने की रही। उन्होंने कहा कि अंकित को खेल और कला से विशेष लगाव था। यदि गांव में उसके नाम पर खेल स्टेडियम बनाया जाता है तो यह केवल उसकी स्मृति को जीवित रखने का माध्यम नहीं होगा, बल्कि गांव के युवाओं के लिए भी नई राह खोलेगा। उन्होंने कहा कि गांव के बच्चे खेल प्रतिभा के दम पर आगे बढ़ें और प्रदेश व देश का नाम रोशन करें, यही उनके बेटे के लिए सच्ची श्रद्धांजलि होगी। कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार ने परिवार की बातों को गंभीरता से सुना और शोक संतप्त परिजनों को भरोसा दिलाया कि दुख की इस घड़ी में वह उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
इस दौरान शामली विधायक प्रसन्न चौधरी, पूर्व मंत्री योगराज सिंह, क्षेत्रीय अध्यक्ष तरसपाल मलिक, पूर्व विधायक राव वारिस, प्रभात तोमर समेत कई रालोद नेता मौजूद रहे। अंकित के घर पहुंचने वाले जनप्रतिनिधियों और लोगों के बीच लगातार उसके परिवार को सांत्वना देने का सिलसिला जारी है। गांव में आज भी अंकित की मौत को लेकर गम और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।
