उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में शादी के दिन फूलों से सजी कार में दूल्हे आजाद बिंद की सरेराह हत्या करने वाले मुख्य शूटर रवि यादव को पुलिस ने रविवार-सोमवार की दरम्यानी रात एक खूनी मुठभेड़ में मार गिराया। मारे गए बदमाश पर पुलिस ने एक लाख रुपए का इनाम घोषित कर रखा था। हालांकि, इस दुस्साहसिक हत्याकांड के 2 मुख्य साजिशकर्ता अब भी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं। इस मुठभेड़ में खेतासराय के थाना प्रभारी के.के. सिंह भी जख्मी हुए हैं, जिनके हाथ में बदमाशों की गोली लगी है, जबकि एक अन्य सिपाही बुलेटप्रूफ जैकेट की वजह से बाल-बाल बच गया।

शहनाई बजने से पहले ही बिखर गया दूल्हे का सपना
यह पूरी खौफनाक दास्तान 1 मई की शाम शुरू हुई थी। सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के बड़अउर गांव में आजाद बिंद की शादी की खुशियां मनाई जा रही थीं। घर से बारात खेतासराय के बीबीपुर गांव के लिए गाजे-बाजे के साथ निकली। दूल्हा आजाद फूलों से सजी कार में सवार था। बारात अभी घर से महज 5 किलोमीटर दूर हाईवे पर ही पहुंची थी कि बाइक सवार बदमाशों ने फिल्मी अंदाज में कार को ओवरटेक किया और ताबड़तोड़ फायरिंग झोंक दी। पहली गोली कार का शीशा चीरती हुई सीधे आजाद के सीने में लगी और दूसरी उसके जबड़े पर। कुछ ही सेकंड में फूलों से सजी गाड़ी खून से नहा गई और अस्पताल ले जाते-जाते आजाद ने दम तोड़ दिया।

रिश्तेदार की सनक और 1-1 लाख का इनाम
जांच में सामने आया कि इस हत्या के पीछे कोई पुरानी रंजिश नहीं, बल्कि लड़की के एक सनकी रिश्तेदार प्रदीप बिंद की नाराजगी थी। प्रदीप इस शादी के खिलाफ था और उसने आजाद को पहले धमकी भी दी थी। शादी न रुकने पर प्रदीप ने भाड़े के शूटरों रवि यादव और भोले राजभर के साथ मिलकर इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने तीनों पर 1-1 लाख का इनाम रखकर उनकी तलाश में जाल बिछाया था।

आधी रात को निर्माणाधीन बाईपास पर थर्राईं गोलियां
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि आरोपी जिला बदलने की फिराक में हैं। खेतासराय पुलिस ने जब गोरारी इलाके के पास चेकिंग बढ़ाई, तो बाइक सवार 2 संदिग्ध भागने लगे। पीछा करने पर बदमाशों ने निर्माणाधीन बाईपास की तरफ मुड़कर पुलिस पर सीधे गोलियां चलानी शुरू कर दीं। पुलिस की जवाबी फायरिंग में एक बदमाश पैर और सीने में गोली लगने से वहीं ढेर हो गया, जबकि उसका दूसरा साथी अंधेरे का फायदा उठाकर गन्ने के खेतों में भाग निकला। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने मारे गए बदमाश की शिनाख्त 1 लाख के इनामी रवि यादव के रूप में की।

खौफ के साए में परिवार, बाकी 2 की तलाश जारी
इस हत्याकांड ने पूरे उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए थे। सोशल मीडिया पर भी इस वारदात को लेकर भारी आक्रोश था। एनकाउंटर के बाद पुलिस ने थोड़ी राहत की सांस जरूर ली है, लेकिन केस का अंत अभी बाकी है। मुख्य साजिशकर्ता प्रदीप बिंद और शूटर भोले राजभर अब भी फरार हैं। उधर, आजाद के परिवार में मातम और खौफ का माहौल आज भी वैसा ही है। बूढ़े माता-पिता का कहना है कि जब तक बाकी दोनों आरोपी सलाखों के पीछे या अपने अंजाम तक नहीं पहुंच जाते, तब तक उनके बेटे की आत्मा को शांति नहीं मिलेगी। पुलिस की टीमें अब फरार आरोपियों के बेहद करीब होने का दावा कर रही हैं।

 

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