कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार को राज्य में सभी सरकारी नौकरियों में ट्रांसजेंडर को एक फीसदी आरक्षण देने के निर्देश दिए हैं। शिक्षक पात्रता परीक्षा में सफल एक ट्रांसजेंडर की याचिका पर यह निर्देश देते हुए जस्टिस राजशेखर मंथा ने कहा कि राज्य सरकार ने ट्रांसजेंडर के लिए रोजगार में समानता की नीति अपनाई है लेकिन अब तक आरक्षण का प्रावधान नहीं किया है। हाईकोर्ट ने राज्य के मुख्य सचिव को सभी सरकारी नौकरियों में ट्रांसजेंडर के लिए एक प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने आदेश में सुप्रीम कोर्ट के 2014 के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि उस फैसले में ट्रांसजेंडर को लैंगिक मामले में पुरुष और महिला के अलावा ‘तृतीय लिंग’ के रूप में माना गया है।

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