वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने मंगलवार को राज्यसभा को बताया कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने नौ आरोपियों को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया है। उन्होंने एक सवाल के लिखित जवाब में राज्यसभा को बताया कि भगोड़े आर्थिक अपराधियों की संपत्ति की कुर्की और जब्ती के लिए भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम, 2018 (एफईओए) को लागू किया गया है।

चौधरी ने कहा कि विदेश भाग गए आरोपियों के मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने एफईओए के उपबंधों के तहत उनमें से नौ आरोपियों को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया है।

उन्होंने कहा, ‘‘विदेश भाग गए 16 आरोपियों के संबंध में 25 प्रत्यर्पण अनुरोध भी भेजे गए हैं। इसके अलावा, एफईओए के उपबंधों के तहत 725.90 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई है।’’

मंत्री ने कहा कि अधिसूचित वाणिज्यिक बैंकों ने पिछले पांच वित्त वर्ष के दौरान ‘एनपीए’ खातों, जिनमें बट्टे खाते में डाले गए ऋण भी शामिल हैं, से 6,82,328 करोड़ रुपये की कुल वसूली की है।

उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक के अनंतिम आंकड़ों के अनुसार, अधिसूचित वाणिज्यिक बैंकों का सकल ‘एनपीए’ अनुपात 31 मार्च 2018 को 11.18 प्रतिशत के शीर्ष स्तर पर था, जो 31 मार्च 2024 को 2.75 प्रतिशत रह गया।

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