रूस-यूक्रेन के बीज जारी युद्ध के बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखी है। उन्होंने पीएम से अतिरिक्त मानवीय सहायता भेजने का अनुरोध किया है। यूक्रेन की प्रथम उप विदेश मंत्री एमिन जापारोवा ने अपने भारतीय वार्ताकारों को कीव की नयी दिल्ली के साथ मजबूत एवं करीबी संबंध बनाने की इच्छा से अवगत कराया। विदेश मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा है। जापारोवा ने मंगलवार को एक बैठक के दौरान विदेश राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी को यह पत्र सौंपा। मंत्रालय ने कहा कि अगले दौर की विदेश कार्यालय स्तर की विचार विमर्श बैठक आपसी सहूलियत के अनुसार किसी तिथि को कीव में आयोजित की जायेगी। यूक्रेन की प्रथम उप विदेश मंत्री जापारोवा की तीन दिवसीय यात्रा बुधवार को समाप्त हो गई।

पिछले वर्ष 24 फरवरी को यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के बाद यूक्रेन से किसी नेता की यह पहली भारत यात्रा है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि यूक्रेन ने दवाओं, चिकित्सा उपकरणों सहित अतिरिक्त मानवीय आपूर्ति का आग्रह किया है। वहीं, विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) संजय वर्मा के साथ बैठक के दौरान यू्क्रेन की प्रथम उप विदेश मंत्री ने प्रस्ताव किया कि यूक्रेन में आधारभूत ढांचे का पुनर्निर्माण भारतीय कंपनियों के लिए एक अवसर हो सकता है। मंत्रालय के बयान के अनुसार, अपनी यात्रा के दौरान जापारोवा ने भारत के साथ मजबूत और करीबी संबंध बनाने की यूक्रेन की इच्छा को रेखांकित किया। इसमें कहा गया है कि जापारोवा की यात्रा दोनों देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा देगी।

लेखी-जापारोवा की बैठक के बारे में विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘ आपसी हितों से जुड़े विविध द्विपक्षीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा करने के अलावा उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम राष्ट्रपति जेलेंस्की का पत्र उन्हें सौंपा।” वहीं, वर्मा और जापारोवा के बीच बातचीत के बारे में मंत्रालय ने कहा कि आर्थिक, रक्षा, मानवीय सहायता, आपसी हितों से जुड़े वैश्विक मुद्दों सहित द्विपक्षीय एजेंडा शामिल रहा। बयान के अनुसार, उन्होंने (जापारोवा) यू्क्रेन की वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी दी और आपसी सहूलियत के अनुसार किसी तिथि को कीव में अगली विदेश कार्यालय स्तर की विचार विमर्श बैठक आयोजित करने पर सहमति व्यक्त की।

 

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