लोकसभा से निष्कासित तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने सोमवार को संपदा निदेशालय के उस आदेश को दिल्ली उच्च न्यायालय में चुनौती दी, जिसमें उन्‍हें सरकारी आवास 7 जनवरी, 2024 तक खाली करने का निर्देश दिया गया है।

याचिका में 11 दिसंबर के आदेश को रद्द करने या वैकल्पिक रूप से 2024 के लोकसभा चुनाव का परिणाम आने तक महुआ मोइत्रा को सरकारी आवास में रहने की अनुमति देने की मांग की गई है।

कथित अनैतिक आचरण के लिए 8 दिसंबर को लोकसभा से निष्कासित महुआ ने सदन से अपने निष्कासन को भी सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।

याचिका में तर्क दिया गया है कि संपदा निदेशालय का आदेश समय से पहले आ गया, क्योंकि उनके निष्कासन की वैधता का मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।

महुआ ने याचिका में कहा है कि आवास छोड़ने पर उन्‍हें विशेष रूप से, चुनावी मौसम के दौरान घटक दलों और साथी राजनेताओं के साथ जुड़ने में उन्‍हें परेशानी होगी।

बिना किसी वैकल्पिक निवास के दिल्ली में अकेली रह रहीं महुआ ने अदालत से आग्रह किया कि उन्हें 2024 के आम चुनाव तक अपने मौजूदा आवास में रहने की अनुमति दी जाए और विस्तारित प्रवास के लिए किसी भी लागू शुल्क का भुगतान करने का वादा किया जाए।

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