श्रीहरिकोटा के लॉन्च पैड से गुरुवार सुबह दुनिया के पहले 3डी रॉकेट ‘अग्निबाण’ की सफल लॉन्चिंग कर भारत ने स्पेस टेक्नोलॉजी में नया इतिहास रच दिया। यह सब-ऑर्बिटल टेक्नोलोजिकल डेमोंस्ट्रेटर (सॉर्टेड) रॉकेट चेन्नई के अंतरिक्ष स्टार्टअप ‘अग्निकुल कॉसमॉस’ ने तैयार किया है।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने अग्निकुल को बधाई देते हुए एक्स पर पोस्ट में कहा, अग्निबाण सॉर्टेड-01 मिशन का सफल प्रक्षेपण बड़ी उपलब्धि है। यह सेमी-क्रायोजेनिक लिक्विड इंजन की पहली कंट्रोल्ड फ्लाइट थी। कंपनी के मुताबिक ‘अग्निबाण’ दो चरणों वाला लॉन्च व्हीकल है, जिसे काफी हद तक कस्टमाइज किया जा सकता है। यह 300 किलोग्राम का पेलोड ले जा सकता है और उसे 700 किलोमीटर की ऊंचाई पर ऑर्बिट में स्थापित कर सकता है। अग्निकुल के सह-संस्थापक और सीईओ श्रीनाथ रविचंद्रन ने बताया कि इस मिशन से हम जांच पाएंगे कि हमारे ऑटोपॉयलट, नेविगेशन और गाइडेंस सिस्टम सही काम कर रहे हैं या नहीं। हमें लॉन्च पैड के लिए किस तरह की तैयारी करनी है, वह भी पता चल जाएगा।
अग्निबाण सॉर्टेड-01 मिशन के जरिए अग्निकुल कॉसमॉस ने तीन उपलब्धियां हासिल कीं। पहली- निजी लॉन्च पैड (श्रीहरिकोटा में अग्निकुल लॉन्च पैड, जिसका नाम धनुष है) से देश की पहली लॉन्चिंग, दूसरी- देश के पहले सेमी-क्रायोजेनिक इंजन पावर्ड रॉकेट की लॉन्चिंग और तीसरी- लॉन्च व्हीकल को पावर देने के लिए घरेलू स्तर पर डिजाइन कर बनाए गए पहले सिंगल-पीस 3डी प्रिंटेड इंजन का इस्तेमाल।
अग्निबाण सॉर्टेड-01 रॉकेट लिक्विड और गैस प्रोपेलेंट्स के मिक्सचर के साथ सेमी-क्रायोजेनिक इंजन का इस्तेमाल करता है। यह ऐसी तकनीक है, जिसे इसरो ने अपने किसी रॉकेट में अब तक इस्तेमाल नहीं किया। अग्निबाण सॉर्टेड-01 मिशन लॉन्च करने की अग्निकुल की यह पांचवीं कोशिश थी। कंपनी 22 मार्च से इसमें जुटी थी।

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