मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में वित्तमंत्री सुरेश खन्ना ने वित्तीय वर्ष 2024-25 का वार्षिक बजट प्रस्तुत किया। वहीं इस बजट को लेकर भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता नाखुश नजर आए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी किए गए बजट में किसान को निराशा हाथ लगी है। चुनाव के घोषणा पत्र में किसानों के लिए मुफ्त बिजली का वादा शायद सरकार पिछले बजट में घोषणा करके भूल गई है।

उन्होंने गन्ना भुगतान और बेमौसम वर्षा के मुआवजे को लेकर भी राज्य सरकार पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि गन्ना भुगतान और बेमौसम वर्षा का मुआवजा सिर्फ आंकड़ों में नजर आता है धरातल पर नहीं।

इससे पहले केंद्रीय बजट को लेकर भी राकेश टिकैत ने नाराजगी जताई थी। उन्होंने कहा था कि संसद में पुराने ढर्रे पर पेश अंतरिम बजट केवल चुनावी ढकोसला है। यह देश के किसानों,गरीबों युवा,आदिवासी,महिलाओं के साथ धोखा है भारतीय किसान यूनियन इस बजट को सिरे से नकारती है।

गौरतलब है कि सोमवार को विधानसभा में प्रस्तुत उत्तर प्रदेश का बजट प्रदेश के इतिहास में अबतक का सबसे बड़ा बजट है। बजट का आकार 7 लाख 36 हजार 437 करोड 71 लाख रुपये (7,36,437.71 करोड़ रुपये) है।

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