उदयपुर जिले से नाबालिग के साथ यौन शोषण का बड़ा मामला सामने आया है। पोक्सो-2 कोर्ट ने इस मामले में आरोपी 21 वर्षीय युवती को दोषी करार देते हुए 20 साल के कठोर कारावास और 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को आदेश दिया है कि पीड़ित किशोर को 50 हजार रुपए प्रतिकर राशि दी जाए।

क्या है मामला?

जानकारी के अनुसार, पीड़ित किशोर के पिता ने 4 अप्रैल 2023 को प्रतापनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि उनके बेटे को कानोड़ के पिंजारों का मोहल्ला निवासी शेखा बानू ने सोशल मीडिया पर दोस्ती कर प्रेमजाल में फंसाया और जबरन यौन शोषण किया। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी युवती को गिरफ्तार कर अदालत में चार्जशीट पेश की।

कोर्ट में पेश हुए सबूत

विशिष्ट लोक अभियोजक महेन्द्र ओझा ने इस केस में 15 गवाह और 30 दस्तावेज अदालत के सामने रखे। उन्होंने तर्क दिया कि आरोपी ने नाबालिग को झांसा देकर यौन शोषण किया है। ऐसे मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है, इसलिए सख्त सजा जरूरी है। अभियोजन पक्ष ने गवाहों के बयान, चिकित्सकीय रिपोर्ट और FSL रिपोर्ट के आधार पर आरोप साबित कर दिया। अदालत ने सबूतों और गवाहों को पर्याप्त मानते हुए आरोपी युवती को दोषी करार दिया।

कोर्ट का फैसला

पीठासीन अधिकारी संजय कुमार भटनागर ने फैसला सुनाते हुए कहा कि ऐसे अपराधों में नरमी नहीं बरती जा सकती, वरना समाज में गलत संदेश जाएगा। इसलिए आरोपी को 20 साल की सख्त कैद और 10 हजार रुपए जुर्माना देने का आदेश दिया गया। साथ ही पीड़ित परिवार को 50 हजार रुपए मुआवजा दिलाने के निर्देश भी दिए गए।

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