संसद के विशेष सत्र में पेश होने वाले ‘परिसीमन बिल 2026’ को लेकर उत्तर और दक्षिण भारत के बीच सियासी रार गहरा गई है। गुरुवार को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और डीएमके (DMK) प्रमुख एमके स्टालिन ने इस प्रस्तावित कानून के खिलाफ उग्र रुख अपनाते हुए बिल की कॉपी जला दी। स्टालिन ने इसे “काला कानून” करार देते हुए चेतावनी दी है कि इसके परिणाम केंद्र सरकार के लिए विनाशकारी होंगे। स्टालिन ने अपने X (पहले Twitter) अकाउंट पर एक वीडियो भी शेयर किया, जिसमें उन्हें प्रस्तावित बिल की कॉपी जलाते हुए देखा जा सकता है। अपनी पोस्ट में उन्होंने आरोप लगाया कि यह बिल तमिलनाडु के लोगों को उनकी अपनी ही ज़मीन पर शरणार्थी बना देगा। स्टालिन ने सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) की तुलना फासीवादियों से भी की और कहा कि उनके अहंकार को खत्म किया जाना चाहिए।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने कहा, “तब, #HindiImposition (हिंदी थोपने) के खिलाफ विरोध की जो आग तमिलनाडु से उठी थी, उसने दिल्ली को झुलसा दिया था। वह आग तभी शांत हुई, जब दिल्ली को झुकने पर मजबूर होना पड़ा।” उन्होंने कहा, “आज, मैंने इस काले कानून की कॉपी जलाकर उस आग को फिर से भड़का दिया है।” उन्होंने “#SayNoToNDA” हैशटैग का इस्तेमाल करते हुए कहा, “यह आग अब पूरी द्रविड़ भूमि में फैल जाएगी। यह उठेगी, यह भड़केगी, और यह BJP के अहंकार को घुटनों पर ला देगी।”

परिसीमन को लेकर विवाद

कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्ष ने परिसीमन का ज़ोरदार विरोध किया है। यह परिसीमन महिला आरक्षण कानून से जुड़ा है और इसे लागू करने के लिए बेहद ज़रूरी है। विपक्ष ने आरोप लगाया है कि परिसीमन से लोकसभा में दक्षिणी राज्यों की हिस्सेदारी कम हो जाएगी, जिससे उत्तर और दक्षिण के बीच एक खाई पैदा हो जाएगी।

 

हालांकि, सरकार ने विपक्ष के आरोपों को खारिज कर दिया है और तर्क दिया है कि राज्यों की हिस्सेदारी में लगभग 56 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी। गुरुवार को स्टालिन के कार्यों की आलोचना करते हुए केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री राजनीति कर रहे हैं, और विपक्ष को लोगों को गुमराह नहीं करना चाहिए।

 

केंद्रीय मंत्री ने कहा, “इसलिए, तमिलनाडु या किसी भी राज्य को चिंता करने की ज़रूरत नहीं है। उन्हें लोगों को गुमराह और भ्रमित नहीं करना चाहिए। मेरी यही अपील है… भारत के हर राज्य, हर केंद्र शासित प्रदेश को चिंता करने की ज़रूरत नहीं है। सभी को उचित मौका, प्रतिनिधित्व और अवसर दिए जाएंगे।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights