मेरठ: उत्तर प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने शनिवार को यहां मेरठ में गौवंश संरक्षण को लेकर हुई समीक्षा बैठक में कहा कि देसी गाय का दूध अमृत है तथा देसी गाय के गोबर में लक्ष्मी का वास होता है। उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों को गाय के गोबर से खाद बनाने की दिशा में कृषक भारती को-ऑपरेटिव लिमिटेड (कृभको) से समझौता करने का सुझाव दिया।

सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश हैं कि कोई भी निराश्रित गौवंश 31 दिसम्बर 2023 के बाद सड़कों व खेतों में दिखाई न दें। सिंह ने कहा, ”देसी गाय के दूध से बना घी अमृत है तथा देसी गाय के गोबर में लक्ष्मी का वास होता है।” प्रभारी मंत्री ने किसानों को आय बढ़ाने के वास्ते मुर्गी पालन, बकरी पालन, सुअर पालन और मत्स्य पालन के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिये।

एक प्रेस बयान के अनुसार, मंत्री ने नगर निगम अधिकारियों को गाय के गोबर से खाद बनाने का निर्देश दिया और जिला अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि इस महीने के अंत तक कोई भी आवारा गाय सड़कों पर न दिखे। राज्य सरकार ने पहले कहा था कि वह अपने मालिकों द्वारा छोड़ी गई गायों को समायोजित करने के लिए जिलों में आश्रय स्थल विकसित कर रही है। धर्मपाल सिंह ने जिला अधिकारियों से किसानों की आय बढ़ाने के लिए मुर्गी पालन और ऐसे अन्य व्यवसायों को बढ़ावा देने के लिए भी कहा।

 

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