वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के मुताबिक भारत में चालू वित्त वर्ष 2023-24 की तीसरी तिमाही में सोने की मांग 10 प्रतिशत बढ़कर 210.2 टन हो गई। दुनिया में सोने के दूसरे सबसे बड़े उपभोक्ता देश भारत में सोने की कीमतों में नरमी और त्योहारी मांग के कारण इस वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में सोने की मांग बढ़ी है। डब्ल्यूजीसी यानी World Gold Council के मुताबिक पिछली तिमाही में सोने की कीमतों में थोड़ी नरमी आई लेकिन अब इसमें तेजी आनी शुरू हो गई है। अगले दो महीनों में धनतेरस त्योहार और शादी के सीजन का असर कीमतों पर पड़ेगा।

सोने की मांग पर त्रैमासिक रिपोर्ट जारी करते हुए डब्ल्यूजीसी ने कहा कि 2023 वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में भारत की सोने की मांग बढ़कर 210.2 टन हो गई, जो एक साल पहले समान अवधि में 191.7 टन थी। रिपोर्ट के अनुसार, समीक्षाधीन तिमाही में आभूषणों की मांग सात प्रतिशत बढ़कर 146.2 टन से 155.7 टन हो गई, जबकि सोने की छड़ तथा सिक्के की मांग 20 प्रतिशत बढ़कर 45.4 टन से 54.5 टन हो गई। तीसरी तिमाही में भारत का सोने का आयात बढ़कर 220 टन हो गया, जो एक साल पहले की अवधि में 184.5 टन था।

WGC ने कहा है कि चौथी तिमाही में सोने की मांग तीसरी तिमाही के समान ही रहने की उम्मीद है। अगर कीमतों में और बढ़ोतरी नहीं हुई तो यह थोड़ी बेहतर होगी। वहीं विश्वस्तर पर सोने की मांग 2023 की तीसरी तिमाही में वैश्विक छह प्रतिशत घटकर 1,147.5 टन रह गई। वैश्विक स्तर पर सोने की कीमतों में गिरावट के बीच दिल्ली में मंगलवार को सोने की कीमत 400 रुपये घटकर 62,050 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई। हालांकि चांदी की कीमत 300 रुपये चढ़कर 75,500 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। विदेशी बाजारों में सोने की कीमत में गिरावट आई और यह 1,993 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस पर रही। वहीं चांदी तेज होकर 23.12 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस पर रही।

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