उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के एक गांव में हाल में गंगा नदी में 15 वर्षीय किशोरी का शव मिलने के मामले में उत्तर प्रदेश सरकार ने पीड़ित परिवार को पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की है। राज्य सरकार की ओर से शनिवार रात जारी बयान के अनुसार, पंचायती राज एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री ओम प्रकाश राजभर, राज्यसभा सदस्य डॉ. संगीता बलवंत और भाजपा विधान परिषद के सदस्य हंसराज विश्वकर्मा ने किशोरी के घर पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की और शोक संवेदना व्यक्त की। अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समुदाय से ताल्लुक रखने वाली किशोरी का शव 15 अप्रैल को गंगा नदी से बरामद किया गया था।

परिजनों ने यौन उत्पीड़न और हत्या का आरोप लगाया है। राजभर ने घटना को अत्यंत दुखद बताते हुए कहा कि राज्य सरकार इस कठिन समय में परिवार के साथ खड़ी है और हर संभव सहायता उपलब्ध कराएगी। बयान में कहा गया, ”परिवार को पांच लाख रुपये का चेक सौंपा गया। साथ ही मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास स्वीकृति प्रमाण पत्र और कृषि प्रयोजन के लिए भूमि पट्टे का प्रमाण पत्र भी दिया गया, ताकि परिवार को स्थायी आवास और सुरक्षा का आश्वासन मिल सके।” अधिकारियों ने परिवार को भरोसा दिलाया कि उन्हें संबंधित सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी देरी के उपलब्ध कराया जाएगा।

इस बीच, समाजवादी पार्टी ने शुक्रवार को घोषणा की कि पार्टी अध्यक्ष के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल 29 अप्रैल को गांव का दौरा करेगा और किशोरी के पिता से मुलाकात करेगा। इससे पहले, 22 अप्रैल को जब सपा का एक प्रतिनिधिमंडल गांव पहुंचा था, तब झड़प हुई थी। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने आरोप लगाया था कि “प्रभावशाली तत्वों” और गांव के प्रधान ने उनके कार्यकर्ताओं पर हमला किया। किशोरी के पिता ने शनिवार को संवाददाताओं से कहा कि मुख्य आरोपी को उनकी शिकायत पर गिरफ्तार कर लिया गया है और कानून अपना काम कर रहा है। उन्होंने कहा, “मैं अपनी बेटी की मौत से बेहद दुखी हूं और नहीं चाहता कि कोई भी नेता सिर्फ राजनीतिक लाभ के लिए मेरे घर आए।” उन्होंने मामले में पुलिस कार्रवाई पर संतोष भी जताया।

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