उत्तराखंड में इस साल मानसून के दौरान कई आपदाओं के प्रति सहानुभूति जताते हुए उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को इस वर्ष होने वाले अपने रजत जयंती समारोह को रद्द कर दिया।

उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार से कहा है कि रजत जयंती समारोह को लेकर उसके लिए प्रस्तावित डेढ़ करोड़ रुपये वह मुख्यमंत्री राहत कोष में दे दे। अदालत ने कहा कि यह योगदान उन परिवारों के राहत और पुनर्वास के लिए है जो आपदाओं से प्रभावित हुए हैं।

प्राकृतिक आपदाओं के पीड़ितों के प्रति एकजुटता प्रदर्शित करते हुए उच्च न्यायालय ने संकल्प लिया कि उसके सभी न्यायाधीश और रजिस्ट्रार अपना एक दिन का मूल वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में दान करेंगे।

उच्च न्यायालय ने उत्तराखंड राज्य न्यायपालिका के न्यायिक अधिकारियों और उच्च न्यायालय तथा जिला न्यायालयों के अधिकारियों से भी संचालित किए जा रहे राहत कार्यों में इसी प्रकार का स्वैच्छिक योगदान देने पर विचार करने का भी आह्वान किया।

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