उच्चतम न्यायालय द्वारा प्रवर्तन निदेशालय (ED) के निदेशक संजय कुमार मिश्रा के कार्यकाल के विस्तार को ‘अवैध’ ठहराये जाने के कुछ दिन बाद केंद्र ने वित्तीय कार्रवाई कार्यबल (FATF) की समीक्षा जारी रहने के मद्देनजर उन्हें 15 अक्टूबर तक पद पर बने रहने की अनुमति देने के लिए बुधवार को शीर्ष अदालत का रुख किया।

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने न्यायमूर्ति बी.आर. गवई, न्यायमूर्ति हिमा कोहली और न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा की पीठ को बताया कि सरकार ने शीर्ष अदालत के 11 जुलाई के फैसले में संशोधन के लिए एक आवेदन दायर किया है।

मेहता ने पीठ से कहा, ‘इस मामले में तत्काल सुनवाई की आवश्कता है। हम इस आवेदन को तत्काल सूचीबद्ध करने का अनुरोध करते हैं।’

सॉलिसिटर जनरल ने पीठ से मामले को तत्काल सूचीबद्ध करने का अनुरोध करते हुए कहा कि इस आवेदन पर 28 जुलाई (शुक्रवार) तक सुनवाई होनी चाहिए।

इसके बाद पीठ ने बृहस्पतिवार को अपराह्न साढ़े तीन बजे मामले पर सुनवाई के लिए सहमति जताई।

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