वक्फ कानून में बदलाव के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई सभी याचिकाओं पर बुधवार दोपहर दो बजे सुनवाई होगी। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को इस संबंध में एक नोटिस जारी कर जानकारी दी है।

सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस में बताया कि 16 अप्रैल को दोपहर दो बजे मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजीव खन्‍ना, न्यायमूर्ति संजय कुमार और न्यायमूर्ति के.वी. विश्वनाथन की बेंच मामले की सुनवाई करेगी। सुनवाई दोपहर 3:25 बजे तक चलेगी। इस दौरान वक्फ से संबंधित सभी मामले सुने जाएंगे।”

नोटिस में कहा गया, “16 अप्रैल को जस्टिस एम.एम. सुंदरेश अदालत में नहीं होंगे। इसलिए, अदालत नंबर 8 में जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस राजेश बिंदल की बेंच के लिए सूचीबद्ध मामले अब जस्टिस राजेश बिंदल और जस्टिस के.वी. विश्वनाथन की बेंच सुनेगी। यह बेंच दोपहर 1 बजे तक बैठेगी। 

आंशिक रूप से सुने गए मामले और विशेष रूप से निर्देशित मामले इस बेंच द्वारा नहीं लिए जाएंगे। इसके अलावा दोपहर दो बजे से जस्टिस राजेश बिंदल अदालत नंबर 8 में सिंगल जज बेंच और चैंबर के मामलों को देखेंगे। इन मामलों की सूची अलग से जारी की गई है।”

वक्फ कानून को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। इस संबंध में कई याचिकाएं भी दायर की गई हैं।

इस मामले में केंद्र सरकार ने भी सुप्रीम कोर्ट में कैविएट याचिका दायर की है। याचिका में केंद्र ने कोर्ट से अपील की है कि वह इस मामले में कोई भी आदेश पारित करने से पहले केंद्र सरकार की दलील भी सुने।

केंद्र सरकार का कहना है कि अदालत को बिना सुनवाई के कोई एकतरफा आदेश पारित नहीं करना चाहिए। केंद्र सरकार ने कैविएट याचिका में स्पष्ट किया है कि उसे इस महत्वपूर्ण मामले में अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर मिलना चाहिए, ताकि अदालत द्वारा कोई भी निर्णय पारित करते समय केंद्र की दलील भी शामिल हो सकें।

ज्ञात हो कि संसद के दोनों सदनों से बजट सत्र में पारित वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी मिल चुकी है। इस संबंध में गजट अधिसूचना जारी होने के साथ ही वक्फ अधिनियम, 1995 का नाम भी बदलकर यूनिफाइड वक्फ मैनेजमेंट, इम्पावरमेंट, एफिशिएंसी एंड डेवलपमेंट (उम्मीद) अधिनियम, 1995 हो गया है।

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