बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने गुरुवार को भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए सुरक्षा चौकसी और बेहतर करने का निर्देश दिया। एक आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक, मुख्य सचिव ने भारत-नेपाल सीमा की संवेदनशीलता को देखते हुए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने तथा किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्रों से संबंधित एक समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य सीमा क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करना, अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करना तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना था। समीक्षा के दौरान जाली भारतीय मुद्रा के प्रसार, साइबर धोखाधड़ी, अवैध दूरसंचार गतिविधियों, म्यूल खातों के बढ़ते उपयोग तथा फर्जी कंपनियों के संचालन जैसे मामलों पर गंभीर चर्चा हुई।

मुख्य सचिव ने इन मामलों की गहन जांच कर त्वरित कार्रवाई करने तथा दोषियों के विरुद्ध सख्त कदम उठाने का निर्देश दिया। बैठक में सीमावर्ती क्षेत्रों में मादक पदार्थों की तस्करी की भी समीक्षा की गई। तस्करी में संलिप्त व्यक्तियों एवं गिरोहों को चिह्नित कर उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। साथ ही अधिकारियों को एनडीपीएस अधिनियम को सख्ती से लागू करने तथा मादक पदार्थों के विरुद्ध व्यापक अभियान चलाने को कहा गया, ताकि सीमावर्ती क्षेत्रों में इस प्रकार की गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

मुख्य सचिव ने सीमा क्षेत्रों में नियमित निगरानी बढ़ाने तथा प्रशासनिक सतर्कता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि विधि-व्यवस्था के दृष्टिकोण से सरकार की कतई बर्दाश्त नहीं की नीति है। विज्ञप्ति के मुताबिक अमृत ने मधुबनी के जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक को अवैध गतिविधियों में संलिप्त एवं अवांछित लोगों को चिह्नित कर त्वरित सुनवाई के माध्यम से सजा दिलाने का निर्देश दिया। समीक्षा के क्रम में मुख्य सचिव ने सशस्त्र सीमा बल से सीमा सुरक्षा की विस्तृत जानकारी प्राप्त की और अधिकारियों को सीमा पर गश्त और बढ़ाने का निर्देश दिया।

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