बिहार के चर्चित ठेकेदार रिशु श्री को टेंडर हेराफेरी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में गिरफ्तार किए जाने के बाद 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में बेऊर जेल भेज दिया गया है. विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने गुरुवार (28 मई) को उन्हें गिरफ्तार किया था. गिरफ्तारी के बाद लंबी पूछताछ की गई और फिर विशेष निगरानी कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया गया.
जांच एजेंसियों का आरोप है कि रिशु श्री ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए विभिन्न सरकारी विभागों के टेंडर अपनी कंपनी और अपने करीबी ठेकेदारों को दिलवाए. जांच में सामने आया है कि उन्होंने कई वरिष्ठ अधिकारियों, इंजीनियरों और सरकारी कर्मियों के साथ सांठगांठ कर टेंडर प्रक्रिया को प्रभावित किया.
विशेष निगरानी इकाई के अनुसार जल संसाधन विभाग में कमीशन के आधार पर अहमदाबाद की कंपनी चेवरॉक्स कंस्ट्रक्शंस प्राइवेट लिमिटेड को टेंडर दिलाने का मामला भी सामने आया है. इसके अलावा भवन निर्माण विभाग, नगर विकास एवं आवास विभाग और BMSICL में भी अपनी कंपनियों के पक्ष में टेंडर हासिल करने के लिए अधिकारियों को कथित तौर पर रिश्वत दी जाती थी.
छापेमारी में मिले करोड़ों के जेवर और नकदी
रिशु श्री के ठिकानों पर की गई छापेमारी में जांच एजेंसियों को करोड़ों रुपये के आभूषण, नकदी, महत्वपूर्ण दस्तावेज, संपत्ति से जुड़े कागजात और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मिले हैं. इन सभी दस्तावेजों और सामानों की जांच की जा रही है. एजेंसियों का मानना है कि इनसे कई अहम सुराग मिल सकते हैं.
जांच अधिकारियों के मुताबिक, बरामद दस्तावेजों के आधार पर कई और लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है. आने वाले दिनों में कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी जांच का दायरा बढ़ सकता है.
विशेष निगरानी इकाई की जांच में यह भी सामने आया है कि टेंडर मिलने के बाद कई परियोजनाओं का काम सीधे दूसरी कंपनियों या अपने करीबी लोगों को सौंप दिया जाता था.
जांच के अनुसार, कुछ मामलों में टेंडर हासिल करने के बाद काम संतोष कुमार नामक व्यक्ति को दिया गया, जिन्हें मातरिश्वा कंस्ट्रक्शन कंपनी का निदेशक बताया जा रहा है. एजेंसी का आरोप है कि इस पूरे नेटवर्क के जरिए सरकारी परियोजनाओं में बड़े पैमाने पर आर्थिक लाभ हासिल किया गया.
विदेश भागने की थी तैयारी
SVU ने अदालत को बताया कि जांच के दौरान संकेत मिले हैं कि रिशु श्री मामले से जुड़े महत्वपूर्ण रिकॉर्ड लेकर विदेश जाने की तैयारी कर रहे थे. एजेंसी को यह भी आशंका है कि वह अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर गवाहों को प्रभावित कर सकते थे या सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकते थे. इसी वजह से उनकी गिरफ्तारी को जरूरी बताया गया.
जल्द रिमांड पर ले सकती है SVU
जांच एजेंसियां अब रिशु श्री को रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी में हैं. अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ के दौरान टेंडर फिक्सिंग, रिश्वतखोरी और सरकारी विभागों में कथित सांठगांठ से जुड़े कई नए खुलासे हो सकते हैं. इससे कई बड़े अधिकारियों की मुश्किलें भी बढ़ सकती हैं.
पहले से ED की जांच के दायरे में
रिशु श्री पहले से ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच का सामना कर रहे हैं. उन पर धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत कार्रवाई चल रही है. पिछले साल नवंबर में ED ने पटना समेत देशभर में उनके नौ ठिकानों पर छापेमारी की थी. उस दौरान करोड़ों रुपये नकद और भारी मात्रा में आभूषण बरामद किए गए थे.
जांच में यह भी संकेत मिले थे कि सरकारी ठेके हासिल करने के लिए कई विभागों के अधिकारियों को मोटा कमीशन दिया गया था. अब SVU की कार्रवाई के बाद यह मामला और अधिक गंभीर होता नजर आ रहा है.
