मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेशीय सफाई कर्मचारी संघ ने चेयरपर्सन व जिलाधिकारी को सौंपा 15 सूत्रिय मांग पत्र सोल्जर बोर्ड पर आहुत की गई सभा। कर्मचारियों को संबोधित करते हुए सफाई कर्मचारी संघ के नेता दीपक गम्भीर, गोपाल सुधाकर, आदि ने अपने विचार रखते हुए कहा कि सफाई कर्मचारी संघ के द्वार्षिक चुनाव नही होने पर रोष प्रकट किया। लगभग साढ़े तीन वर्ष हो चुके है लेकिन पालिका प्रशासन ने कोई सुध नहीं ली। ठेका सफाई कर्मचारियों का 18 माह का भविष्य निधि घोटाला ठेकेदार द्वारा किया गया है लेकिन उस पर अभी तक कोई विभागीय या कानूनी कार्यवाही नहीं की गई। ठेकेदार की इस चार सौ बीसी का खामियाजा मजदूर गरीब ठेका सफाई कर्मचारी को भविष्य मे उठाना पड़ेगा। जोकि एक ज़ुल्म साबित होगा। कुछ स्थाई सफाई कर्मचारियों को EPF ESI की सुविधा नही दी जा रही। शिक्षित सफाई कर्मचारियों की पद्दोनति नही हो रही है। सफाई कर्मचारियों से अवकाश के दिन भी कभी कभी काम लिया जाता है लेकिन उसका ओवर टाइम का भुगतान नही किया जाता। श्रम कानून में यह प्रवधान है कि यदि अवकाश के दिन कृमीक से कार्य लिया गया तो उसे ओवर टाइम का भुगतान देना शुनिश्चित है। सफाई कर्मचारी या स्वयत शासन कर्मचारी के सेवानिवृत्त होने पर पालिका प्रशासन द्वारा विदाई समारोह का आयोजन किया जाय। ठेका सफाई कर्मचारियों को प्रत्येक माह के स्थान पर वेतन तीन तीन माह बाद केवल एक माह का भुगतान किया जाता है। ये कृतज्ञ शोषण की श्रेणी मे आता है। सथाई,संविदा, ठेका सफाई कर्मचारियों को वर्दी का भुगतान 3000 वृद्धि की दर के साथ किया जाए। महंगाई के दौर मे 1674 गर्म वर्दी का भुगतान इससे केवल कर्मचारी सिलाई का पैसा दे पायेगा अब समस्या है कि कपड़ा खरीदे कैसे। दलित बस्तियों मे विकास दिख नही रहा। समाज की आस्था का प्रतीक भगवान वाल्मीकि चौक बन नही रहा जबकि अन्य चौराहे बोर्ड मे स्वीकृत किए गए है। सफाई कर्मचारी संघ का चुनाव ट्रेड यूनियन एक्ट के तहत पंजीकृत यूनियनों के बीच होता है। जिसमें संविदा व स्थाई सफाई कर्मचारी अपने वोट का प्रयोग कर अपने नेता का चुनाव करेगा। चुनाव न होने के कारण कर्मचारियों के हक अधिकार के लिए कोई बोलने वाला नही है आदि मुद्दों पर पर चर्चा कर चैयरपर्सन पति गौरव स्वरुप वरिष्ठ भाजपा नेता को उनके आवास पर ज्ञापन सौंपा और 15 दिन के अंतराल मे सफाई कर्मचारी संघ का चुनाव कराने व 15 सूत्रिय मांगों को पूर्ण करने की अपनी की। और यदि 15 दिनों के अंतराल मे चुनाव सम्पन्न नही कराये गये तो उत्तर प्रदेशीय सफाई कर्मचारी संघ को मजबूरन आंदोलन का रुख करना पड़ेगा। जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी।
सभा मे सोनू सरवट वाल्मीकि,राजू प्रधान, गोपाल सुधाकर, महेश, अश्वनी,ललित,संजय, रमाकांत, प्रभात , गौरव, सोनू भगत जी,पद्म, विकास, मेघराज, दीपक झा,सुधीर सफाई नायक, अरविंद,संदीप चंद्रा, आदि कर्मचारी उपस्थित रहे।

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