मुजफ्फरनगर। जनपद के तावली गांव में स्थित श्मशान भूमि पर एक बार फिर अतिक्रमण का मामला सामने आने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ अतिक्रमणकारियों ने पवित्र श्मशान भूमि पर कब्जा कर लिया है, जिससे न केवल धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं बल्कि भविष्य में अंतिम संस्कार जैसी आवश्यक गतिविधियों में भी बाधा उत्पन्न होने की आशंका बढ़ गई है।
ग्रामीणों के अनुसार, अतिक्रमणकारियों द्वारा श्मशान भूमि पर पशु बांधने, दीवार तोड़कर अवैध रास्ता बनाने तथा अन्य निर्माण कार्य करने जैसे कृत्य किए जा रहे हैं। इससे श्मशान स्थल की गरिमा प्रभावित हो रही है और भूमि का स्वरूप भी लगातार बदलता जा रहा है।
बताया जाता है कि लगभग दो वर्ष पूर्व तत्कालीन एसडीएम सदर मुजफ्फरनगर द्वारा सख्त कार्रवाई करते हुए जेसीबी मशीनों की सहायता से इस श्मशान भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया था। उस समय प्रशासन की तत्परता से ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली थी, लेकिन अब पुनः अतिक्रमण की स्थिति बन जाने से लोगों में निराशा और आक्रोश दोनों देखने को मिल रहे हैं।


तावली गांव के हिंदू समाज एवं अन्य ग्रामीणों ने एकजुट होकर एसडीएम सदर से मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यह भूमि पीढ़ियों से अंतिम संस्कार के लिए उपयोग में लाई जाती रही है और इसका धार्मिक एवं सामाजिक महत्व अत्यंत संवेदनशील है।


ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि—
श्मशान भूमि की सीमांकन (नाप-जोख) कराई जाए,
अतिक्रमणकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए,
स्थल पर स्थायी रूप से सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए,
तथा भविष्य में पुनः अतिक्रमण न हो, इसके लिए पक्की बाउंड्री वाल का निर्माण कराया जाए।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस संवेदनशील मामले को कितनी गंभीरता से लेते हुए त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई करता है, जिससे श्मशान भूमि की गरिमा बनी रहे और ग्रामीणों को स्थायी समाधान मिल सके।

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