मथुरा में शाही ईदगाह स्थल पर मंदिर निर्माण की मांग की
–श्री कृष्ण जन्मभूमि पर भोग लगे बिना अन्न त्याग, फलाहारी दिनेश महाराज ने किया ऐलान
मुजफ्फरनगर। श्री कृष्ण जन्मभूमि को लेकर एक बार फिर धार्मिक और सामाजिक माहौल गरमा गया है। श्री कृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के राष्ट्रीय अध्यक्ष फलाहारी दिनेश महाराज ने संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ मीडिया सेंटर पर आयोजित प्रेस वार्ता में बड़ा बयान देते हुए मथुरा स्थित शाही ईदगाह मस्जिद के स्थान पर श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण की मांग को दोहराया है।
उन्होंने दावा किया कि वर्ष 1670 में मुगल शासक औरंगजेब ने शक्ति प्रदर्शन करते हुए श्री कृष्ण मंदिर को ध्वस्त कर वहां शाही ईदगाह का निर्माण कराया था। साथ ही यह भी कहा कि मंदिर की मूर्तियां आज भी उसी मलबे में दबी हुई हैं। फलाहारी दिनेश महाराज ने अपने संकल्प को दोहराते हुए कहा कि जब तक श्री कृष्ण जन्मभूमि पर भगवान को विधिवत मिश्री का भोग नहीं लगाया जाएगा, तब तक वे अन्न ग्रहण नहीं करेंगे और नंगे पैर ही रहेंगे। उन्होंने बताया कि पिछले करीब पांच वर्षों से वे केवल फलाहार पर ही जीवन यापन कर रहे हैं, जो एक बड़ा त्याग और तपस्या है। इस दौरान राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. सिद्धार्थ भट्टाचार्य ने स्पष्ट किया कि यह पूरा मामला वर्तमान में उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि जब तक अदालत का अंतिम निर्णय नहीं आ जाता, तब तक राष्ट्रपति से निवेदन किया गया है कि भगवान श्री कृष्ण को प्रतिदिन माखन-मिश्री का भोग लगाने की अनुमति दी जाए। न्यास की ओर से भेजे गए पत्र में डॉ. सिद्धार्थ भट्टाचार्य और प्रदेश अध्यक्ष योगेंद्र वर्मा ने आग्रह किया है कि मंदिर व्यवस्थापन के प्रभारी अधिकारी प्रतिदिन भगवान को भोग अर्पित करें। उनका कहना है कि यह भक्तों की आस्था और धार्मिक परंपरा से जुड़ा विषय है, जिसे सम्मान मिलना चाहिए। इस दौरान प्रेस वार्ता में योगेंद्र वर्मा (प्रदेश अध्यक्ष), अमरीश त्यागी (प्रदेश उपाध्यक्ष), एडवोकेट ब्रजभूषण शर्मा, डॉ. कपिल कश्यप सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इसके अलावा सिद्धार्थ भट्टाचार्य ने कहा कि यह मुद्दा जहां एक ओर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा हुआ है, वहीं दूसरी ओर कानूनी प्रक्रिया के दायरे में भी है। ऐसे में अब सभी की नजरें न्यायालय के निर्णय और प्रशासनिक कदमों पर टिकी हुई हैं, क्योंकि हम लोग कानूनी लड़ाई के माध्यम से ही इस जंग को जीतेंगे। उन्होंने कहा कि हमे विश्वास है कि जीत हमेशा सच्चाई की होती हैं और ये मामला तो करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा हुआ हैं जिससे विश्वास और भी मजबूत हैं।

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