लोकसभा चुनाव के बाद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शनिवार को राज्य सचिवालय में पहली कैबिनेट बैठक हुई। पहली कैबिनेट बैठक में कुल 12 प्रस्तावों पर मुहर लगी।

कैबिनेट ने सहकारी समिति से सभापति और सदस्यों के लिए 33 प्रतिशत महिला पद आरक्षण को मंजूरी दी है।

चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड में तीन कनिष्क सहायक के पद हैं। इसके लिए एक सम्मिलियन नियमावली बनाई गई है। इसे कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है।

कैबिनेट ने विद्युत सुरक्षा विभाग के तहत 80 नये पदों को भी मंजूरी दी। इस विभाग में अभी तक 65 पद थे।

वित्त विभाग के अधिकारियों को प्रमोशन के बाद अलग-अलग चरणों में प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि नई टेक्नोलॉजी और नये नियम की जानकारी दी जा सके।

कैबिनेट ने उत्तराखंड एकीकृत महानगर परिवहन प्राधिकरण विधायक, 2024 को मंजूरी दे दी है। प्राधिकरण राज्य के शहरी क्षेत्रों में परिवहन सुविधा को ठीक करने के लिए कार्य करेगा।

उत्तराखंड सरकार के कर्मचारियों को बैंक के माध्यम से एक्सीडेंटल लाभ यानी मुआवजा दिया जाएगा। इसके लिए धामी सरकार बैंकों के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करेगी। राज्य में लगभग डेढ़ लाख सरकारी कर्मचारी हैं।

कैबिनेट ने पर्यटन नीति, 2018 में संशोधन को भी मंजूरी दे दी है।

कैबिनेट ने खाद्य पदार्थों की जांच के लिए मोबाइल वैन में आठ पदों को भी मंजूरी दी है।

इसके अलावा कैबिनेट की ओर से राज्य की राजधानी देहरादून में खाद्य विश्लेषण शाला के लिए 13 पदों को भी मंजूरी दी गई है।

महासू देवता मंदिर के विकास के दौरान प्रभावित होने वाले परिवारों के लिए पॉलिसी (नीति) बनाई गई है। इस पर कैबिनेट की मुहर लग गई है।

आवास विभाग के तहत तमाम प्राधिकरणों में मिनिस्ट्रियल संवर्ग के लिए कोई नियमावली न होने के चलते, अब आवास विभाग कार्मिक विभाग की नियमावली को अडॉप्ट करेगा।

इसके अलावा कैबिनेट ने न्याय विभाग के तहत आयोजित फैमिली कोर्ट का क्षेत्रीय सम्मेलन में व्यय धनराशि को मंजूरी दी है।

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