–गरीब अभिभावकों की जेब पर डाका, महंगी किताबें-यूनिफॉर्म के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी
मुजफ्फरनगर। जनपद में प्राइवेट स्कूलों की बढ़ती मनमानी और अभिभावकों से की जा रही कथित लूट के खिलाफ अब आवाज बुलंद होने लगी है। भारतीय किसान मजदूर संयुक्त मोर्चा ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए बड़ा फैसला लिया है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी शाह आलम के नेतृत्व में सोमवार को एक प्रतिनिधिमंडल बेसिक शिक्षा अधिकारी से मुलाकात कर स्कूलों की मनमानी के खिलाफ ज्ञापन सौंपेगा। मोर्चा के जिलाध्यक्ष शाहिद राजा ने बताया कि जिले के कई प्राइवेट स्कूल अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डाल रहे हैं। स्कूलों द्वारा किताबें और यूनिफॉर्म केवल चुनिंदा दुकानों से खरीदने का दबाव बनाया जा रहा है, जिससे आम लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बाजार में 60 रुपये की किताब को स्कूलों की मिलीभगत से 600 रुपये तक बेचा जा रहा है। इसी तरह यूनिफॉर्म के नाम पर भी अभिभावकों से मनमानी वसूली की जा रही है। इस स्थिति में गरीब और मजदूर वर्ग के लोग अपने बच्चों की पढ़ाई जारी रखने में असमर्थ हो रहे हैं। मोर्चा नेताओं का कहना है कि शिक्षा जैसे संवेदनशील क्षेत्र में इस तरह की लूट कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो संगठन सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेगा। चौधरी शाह आलम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह सिर्फ अभिभावकों का नहीं, बल्कि समाज के भविष्य का मुद्दा है। “हम तब तक शांत नहीं बैठेंगे, जब तक इस लूट पर पूरी तरह लगाम नहीं लग जाती,” उन्होंने दो टूक कहा।
